चलते समय पैरों में दर्द को न समझें यूरिक एसिड का संकेत, इन लक्षणों पर दें ध्यान
Health Tips: चलते समय पैरों में दर्द होना हमेशा बढ़े हुए यूरिक एसिड का संकेत नहीं है। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ (NIH) के अनुसार, गठिया यानी गाउट में दर्द अक्सर अचानक शुरू होता है। प्रभावित जोड़ में तेज दर्द के साथ सूजन, लालिमा और गर्माहट भी महसूस हो सकती है। पैर के अंगूठे का जोड़ इससे सबसे ज्यादा प्रभावित होने वाले हिस्सों में शामिल है।
यूरिक एसिड शरीर में प्यूरिन नाम के पदार्थों के टूटने से बनता है। आमतौर पर किडनी इसे पेशाब के जरिए शरीर से बाहर निकाल देती है। लेकिन जब शरीर में यूरिक एसिड ज्यादा बनने लगे या किडनी इसे पर्याप्त मात्रा में बाहर न निकाल पाए, तो खून में इसका स्तर बढ़ सकता है।
लंबे समय तक यूरिक एसिड का स्तर ज्यादा रहने पर कुछ लोगों के जोड़ों के आसपास मोनोसोडियम यूरेट क्रिस्टल जमा हो सकते हैं। जब शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली इन क्रिस्टल पर प्रतिक्रिया करती है, तो सूजन पैदा होती है। इसी वजह से गाउट के दौरान अचानक तेज दर्द हो सकता है।
हालांकि, नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इन्फॉर्मेशन (NCBI) के अनुसार, हाइपरयूरिसीमिया यानी खून में यूरिक एसिड का बढ़ा स्तर और गाउट एक ही स्थिति नहीं हैं। कई लोगों का यूरिक एसिड बढ़ा रहता है, लेकिन उन्हें कभी गाउट नहीं होता। इसलिए सिर्फ ब्लड टेस्ट की रिपोर्ट देखकर पैरों के दर्द की वजह तय करना सही नहीं है।
पैर के अंगूठे में अचानक दर्द और सूजन क्यों होती है?
अमेरिकी रोग नियंत्रण एवं रोकथाम केंद्र (CDC) के मुताबिक, गाउट का पहला अटैक अक्सर पैर के बड़े अंगूठे के जोड़ में होता है। मेडिकल भाषा में इस जोड़ को First Metatarsophalangeal Joint कहा जाता है।
इस जोड़ में यूरिक एसिड के क्रिस्टल जमा होने पर तेज सूजन हो सकती है। दर्द इतना ज्यादा हो सकता है कि व्यक्ति के लिए चलना भी मुश्किल हो जाए। जोड़ लाल और गर्म हो सकता है। यहां तक कि हल्के से छूने या जूते का दबाव पड़ने पर भी दर्द महसूस हो सकता है।
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कुछ लोगों में दर्द अचानक शुरू होता है और रात में इतना बढ़ जाता है कि नींद खुल जाती है। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर इसे सामान्य पैरों का दर्द मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
दूसरी ओर, अगर चलते समय पैर में दर्द हो रहा है, लेकिन जोड़ों में सूजन, लालिमा या गर्माहट नहीं है, तो केवल यूरिक एसिड को इसका कारण मान लेना ठीक नहीं होगा। दर्द की असली वजह जानने के लिए डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है।
यूरिक एसिड और गाउट को नियंत्रित रखने के लिए क्या करें?
अगर डॉक्टर ने गाउट या हाइपरयूरिसीमिया की पुष्टि की है, तो सिर्फ ज्यादा पानी पीना या एक-दो खाद्य पदार्थ छोड़ देना हर व्यक्ति के लिए पर्याप्त नहीं होता। इलाज का फैसला बीमारी की स्थिति, गाउट के अटैक कितनी बार पड़ते हैं, किडनी की कार्यक्षमता और दूसरे स्वास्थ्य संबंधी कारणों को देखकर किया जाता है।
CDC के अनुसार, जीवनशैली में कुछ बदलाव मददगार हो सकते हैं:
- शराब, खासकर बीयर का सेवन कम करें।
- मीठे पेय पदार्थों से बचें।
- वजन को नियंत्रित रखें।
- नियमित शारीरिक गतिविधि अपनाएं।
- रेड मीट और कुछ समुद्री खाद्य पदार्थों जैसे ज्यादा प्यूरिन वाले आहार का सेवन डॉक्टर या डाइटिशियन की सलाह के अनुसार सीमित करें।
अगर गठिया के अटैक बार-बार पड़ते हैं, तो डॉक्टर यूरिक एसिड कम करने वाली दवाएं दे सकते हैं। इन दवाओं को अपनी मर्जी से शुरू या बंद नहीं करना चाहिए।
ध्यान रखें: चलते समय पैरों में दर्द होने का मतलब यह नहीं कि यूरिक एसिड बढ़ा हुआ है। लेकिन अगर किसी जोड़ में अचानक तेज दर्द के साथ सूजन, लालिमा और गर्माहट हो, खासकर पैर के अंगूठे में, तो गाउट एक संभावित कारण हो सकता है। बार-बार होने वाले या तेज जोड़ों के दर्द में डॉक्टर से जांच कराएं और यूरिक एसिड की रिपोर्ट को लक्षणों के साथ समझें।
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