गुस्सा आते ही क्यों कांपने लगते हैं हाथ-पैर? दिल की धड़कन बढ़ने की भी है वजह
Sympathetic Nervous System: क्या आपने कभी महसूस किया है कि तेज गुस्सा आने पर आपके हाथ-पैर कांपने लगते हैं? कभी दिल की धड़कन तेज हो जाती है, तो कभी पसीना आने लगता है और सांस भी तेजी से चलने लगती है। ऐसा होना कई बार शरीर की स्वाभाविक प्रतिक्रिया हो सकती है। गुस्सा केवल मन की भावना नहीं है, बल्कि इसका असर दिमाग, नसों, दिल और मांसपेशियों पर भी पड़ता है।
नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इन्फॉर्मेशन (NCBI) और मेडिकल न्यूज टुडे में दी गई जानकारी के अनुसार, गुस्से और तनाव के दौरान शरीर में कई तरह के बदलाव हो सकते हैं। हालांकि, बार-बार कंपकंपी होना या इसके साथ गंभीर लक्षण दिखना किसी दूसरी समस्या का संकेत भी हो सकता है।
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गुस्सा आते ही शरीर में क्या होता है?
जब कोई स्थिति व्यक्ति को बहुत गुस्सा दिलाती है, तो दिमाग उस परिस्थिति को समझकर शरीर को प्रतिक्रिया देने के लिए तैयार करता है। इस दौरान ऑटोनोमिक नर्वस सिस्टम का सिम्पैथिटिक हिस्सा सक्रिय हो सकता है। यह तंत्र तनावपूर्ण स्थिति में शरीर को तेजी से प्रतिक्रिया देने में मदद करता है।

इस प्रक्रिया के दौरान कैटेकोलामाइन्स (Catecholamines) जैसे तनाव से जुड़े रसायनों की सक्रियता बढ़ सकती है। इससे दिल की धड़कन, रक्तचाप और शरीर की दूसरी गतिविधियों में बदलाव आ सकते हैं।
NCBI पर प्रकाशित शोध में गुस्से और ऑटोनोमिक नर्वस सिस्टम की सक्रियता के बीच संबंध देखा गया है। यही वजह है कि तेज गुस्से के दौरान शरीर में कई शारीरिक प्रतिक्रियाएं एक साथ दिखाई दे सकती हैं।
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एड्रेनालाइन बढ़ने से क्यों कांपती हैं मांसपेशियां?
मेडिकल न्यूज टुडे के मुताबिक, गुस्से या अचानक तनाव के दौरान शरीर की लड़ने या खतरे से बचने की प्रतिक्रिया सक्रिय हो सकती है। इसे ‘फाइट या फ्लाइट रिस्पॉन्स’ कहा जाता है।
इस दौरान एड्रेनालाइन (Epinephrine) और तनाव से जुड़े दूसरे रसायनों की सक्रियता बढ़ सकती है। एड्रेनालाइन शरीर को तेजी से काम करने के लिए तैयार करता है। इसका असर दिल की धड़कन, रक्त संचार और मांसपेशियों की गतिविधियों पर भी पड़ सकता है।
तनाव बहुत बढ़ने पर कुछ लोगों को हाथों में हल्का कंपन, पैरों में कंपकंपी या पूरे शरीर में थरथराहट महसूस हो सकती है। यह हर बार किसी बीमारी का संकेत नहीं होता। हालांकि, केवल गुस्से को ही हर तरह की कंपकंपी की वजह मानना भी सही नहीं है।
दिल की धड़कन और सांस क्यों तेज हो जाती है?
गुस्से के दौरान शरीर में उत्तेजना बढ़ने से दिल की धड़कन और रक्तचाप बढ़ सकते हैं। कुछ लोगों की सांस लेने की गति भी तेज हो जाती है। NCBI में प्रकाशित शोधों में गुस्से और अचानक मानसिक तनाव के दौरान दिल की धड़कन तथा कोर्टिसोल जैसे तनाव से जुड़े हार्मोन की प्रतिक्रिया का अध्ययन किया गया है।
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इन बदलावों की तीव्रता हर व्यक्ति में अलग हो सकती है। किसी को केवल हाथों में कंपन महसूस होता है, जबकि किसी को पसीना आने, बेचैनी और तेज सांस लेने जैसी परेशानियां भी हो सकती हैं।
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डिहाइड्रेशन भी हो सकता है कंपकंपी की वजह
शरीर में पानी की कमी यानी डिहाइड्रेशन का असर भी शारीरिक गतिविधियों पर पड़ सकता है। हल्की पानी की कमी होने पर प्यास लगना, सिरदर्द, मुंह सूखना और पेशाब का रंग गहरा होना जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं।
नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ (NIH) की जानकारी के अनुसार, गंभीर डिहाइड्रेशन में दिल की धड़कन तेज या अनियमित हो सकती है और सांस लेने की गति बढ़ सकती है। गंभीर स्थिति में चक्कर आना, भ्रम, पेशाब बहुत कम होना या बंद हो जाना और सांस लेने में परेशानी जैसे लक्षण भी हो सकते हैं।
इसलिए अगर गुस्से के दौरान शरीर कांपता है, तो यह देखना भी जरूरी है कि कहीं शरीर में पानी की कमी या कोई दूसरी परेशानी तो नहीं है।
कब डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए?
गुस्से के दौरान थोड़ी देर के लिए हाथ-पैर कांपना कई बार शरीर की तनाव संबंधी प्रतिक्रिया हो सकती है। लेकिन अगर बिना गुस्से या तनाव के भी बार-बार कंपकंपी होती है, तो इसकी वजह जानने के लिए डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।
अगर कंपकंपी के साथ बेहोशी, भ्रम, अचानक कमजोरी, सीने में दर्द, सांस लेने में गंभीर परेशानी या बहुत तेज चक्कर आने जैसे लक्षण हों, तो तुरंत चिकित्सा सहायता लें।
ध्यान दें: यह जानकारी सामान्य स्वास्थ्य जागरूकता के लिए है। केवल लक्षणों के आधार पर किसी बीमारी का पता नहीं लगाया जा सकता। लगातार या गंभीर परेशानी होने पर चिकित्सकीय जांच जरूरी है।

