Ear Itching: कान में बार-बार खुजली क्यों होती है? जानें 6 बड़े कारण और बचाव

Ear Itching: कान में कभी-कभार खुजली होना सामान्य है, लेकिन अगर बार-बार ऐसा हो रहा है तो इसके पीछे कोई समस्या हो सकती है। कान की नली यानी ईयर कैनल में खुजली के साथ भारीपन, लालिमा, दर्द या डिस्चार्ज दिखे तो सावधान रहने की जरूरत है। इसके पीछे त्वचा का रूखापन, एक्जिमा, किसी चीज से एलर्जी, ईयरवैक्स का असंतुलन या संक्रमण जैसे कारण हो सकते हैं।

मायो क्लिनिक, क्लीवलैंड क्लिनिक, एनएचएस और एनसीबीआई में उपलब्ध स्वास्थ्य संबंधी जानकारी के मुताबिक, कान की खुजली के पीछे त्वचा की परेशानी से लेकर बाहरी कान के संक्रमण तक कई वजहें हो सकती हैं। ऐसे में बार-बार होने वाली खुजली का सही कारण पहचानना जरूरी है।

कान में बार-बार खुजली होने के 6 बड़े कारण

  1. त्वचा का रूखापन: कान की नली की त्वचा बहुत सूखने पर खिंचाव, पपड़ी और खुजली हो सकती है। वहीं, कान में पानी लंबे समय तक रहने से भी नमी का संतुलन बिगड़ सकता है। एनसीबीआई में प्रकाशित एक अध्ययन में बाहरी ईयर कैनल की त्वचा में नमी के स्तर और कान में खुजली के बीच संबंध देखा गया था।
  2. एक्जिमा या कॉन्टैक्ट डर्माटाइटिस: अगर खुजली के साथ लालिमा, जलन, रूखापन या पपड़ी भी है, तो एक्जिमा या कॉन्टैक्ट डर्माटाइटिस इसकी वजह हो सकता है। हेयर प्रोडक्ट, कॉस्मेटिक्स, कुछ दवाएं या धातु से बने आभूषण संवेदनशील त्वचा में जलन या एलर्जी पैदा कर सकते हैं।
  3. कान में संक्रमण: खुजली के साथ दर्द, कान भरा हुआ महसूस होना, सुनने में परेशानी या डिस्चार्ज होने पर बाहरी कान की नली में सूजन या संक्रमण की आशंका हो सकती है। पानी के संपर्क, त्वचा पर छोटी चोट और कान में बार-बार चीजें डालने से इसका खतरा बढ़ सकता है। कान को छूने या खींचने पर दर्द बढ़ना भी एक संकेत हो सकता है।
  4. ईयरवैक्स का ज्यादा या कम होना: कान का मैल यानी ईयरवैक्स गंदगी नहीं, बल्कि कान की सुरक्षा का प्राकृतिक हिस्सा है। यह त्वचा को चिकनाई देने और कुछ सूक्ष्मजीवों से बचाव में मदद करता है। इसके ज्यादा जमा होने से खुजली, भारीपन, दर्द, सुनने में कमी या कान में आवाज गूंजने जैसी परेशानी हो सकती है। वहीं, बार-बार कान साफ करने से ईयरवैक्स कम हो सकता है और त्वचा में जलन बढ़ सकती है।
  5. ईयरबड्स या ईयरफोन का इस्तेमाल: लंबे समय तक ईयरबड्स या ईयरफोन लगाने से कान की नली में घर्षण और गर्मी बढ़ सकती है। इनके कारण नमी जमा होने या किसी पदार्थ से एलर्जी होने पर भी खुजली हो सकती है। इसलिए इन उपकरणों को साफ रखना और लगातार लंबे समय तक इस्तेमाल करने से बचना जरूरी है।
  6. त्वचा की अन्य समस्याएं या फंगल इंफेक्शन: एटोपिक डर्माटाइटिस और फंगल संक्रमण भी कान में खुजली के संभावित कारण हैं। केवल खुजली के आधार पर संक्रमण की पुष्टि नहीं की जा सकती। सही कारण जानने के लिए डॉक्टर की जांच जरूरी हो सकती है।

 कान की खुजली से राहत पाने के लिए कुछ सावधानियां मदद कर सकती हैं:

  • कान के अंदर पिन, नुकीली वस्तु या किसी दूसरी चीज से खुजली न करें।
  • नहाने के बाद कान के बाहरी हिस्से को धीरे से सुखाएं।
  • ईयरबड्स और ईयरफोन को नियमित रूप से साफ रखें।
  • अगर कान में लगाने वाली मशीन या कोई उपकरण इस्तेमाल करने के बाद खुजली बढ़ती है, तो डॉक्टर से सलाह लें।
  • बिना डॉक्टर की सलाह के कान में तेल, दवा या कोई तरल न डालें।
  • कान को बार-बार साफ करने या अंदर की त्वचा को रगड़ने से बचें।
  1. इन लक्षणों को नजरअंदाज न करें

अगर कान में खुजली के साथ तेज दर्द, लगातार डिस्चार्ज, कान के आसपास तेजी से बढ़ती सूजन या सुनने में गंभीर परेशानी हो रही है, तो जल्द डॉक्टर से संपर्क करें। डायबिटीज या कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता वाले लोगों को कान के संक्रमण के मामले में खास सावधानी बरतनी चाहिए।

कान की खुजली का इलाज उसके कारण पर निर्भर करता है। इसलिए केवल खुजली कम करने की कोशिश करने के बजाय यह पता लगाना जरूरी है कि समस्या क्यों हो रही है। अगर खुजली बार-बार होती है, बढ़ रही है या दूसरे लक्षणों के साथ दिखाई दे रही है, तो डॉक्टर से जांच कराएं।

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