नीतीश कुमार का बहुमत, बिहार विधानसभा अध्यक्ष पद से हटे अवध बिहारी चौधरी

Sandesh Wahak Digital Desk: बिहार विधानसभा अध्यक्ष अवध बिहारी चौधरी के खिलाफ सत्ता पक्ष का अविश्वास प्रस्ताव पास हो गया है। आरजेडी कोटे से स्पीकर अवध बिहारी चौधरी को हटाने के पक्ष में 243 सदस्यों की विदानसभा में 125 मत पड़े। जबकि स्पीकर के पक्ष में 112 वोट ही पड़े।

स्पीकर के हटाने के बाद नीतीश कुमार ने सरकार का विस्वास मत पेश किया। जिस पर बहस चल रहा है। नीतीश सरकार का बहुमत साबित करना अब महज औपचारिकता है। क्योंकि RJD कोटे से स्पीकर के खिलाफ प्रस्ताव पास होने से स्पष्ट हो गया है कि सरकार के पास कितने नंबर हैं।

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के साथ मिलकर बनाई गई अपनी नयी सरकार के लिए विश्वास मत हासिल करने के वास्ते सोमवार को विधानसभा में प्रस्ताव पेश किया।

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मुख्यमंत्री कुमार एक पखवाड़े पहले ‘महागठबंधन’ से अलग होकर भाजपा नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) में लौट गए थे। पूर्ववर्ती महागठबंधन सरकार का हिस्सा रहे राजद के नेता चौधरी ने अपनी पार्टी के सत्ता से बाहर होने के बाद अपना पद छोड़ने से इनकार कर दिया था।

नीतीश कुमार को मिला 125 विधायकों का समर्थन

राजग द्वारा अध्यक्ष के खिलाफ पेश किए गए अविश्वास प्रस्ताव को 243 सदस्यीय विधानसभा में 125 विधायकों का समर्थन मिला, जबकि 112 सदस्यों ने इसके खिलाफ मतदान किया।

इससे पहले, अध्यक्ष की कुर्सी पर आसीन विधानसभा उपाध्यक्ष महेश्वर हजारी ने अविश्वास प्रस्ताव को ध्वनि मत से पारित घोषित करना चाहा, लेकिन राजद के विरोध के बाद वे संख्या की गिनती करने पर सहमत हो गए।

सरकार के विश्वास मत हासिल करने की प्रक्रिया पूरी होने के बाद सदन द्वारा नया अध्यक्ष चुने जाने की संभावना है।

स्पीकर अवध बिहारी चौधरी, राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के ही विधायक हैं। नीतीश के पालाबदल के बाद अवध बिहारी ने स्पीकर की कुर्सी छोड़ने से इनकार कर दिया था। विधानसभा की कार्यवाही के संचालन से लेकर विश्वास प्रस्ताव पर वोटिंग तक, स्पीकर की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है।

विश्वास मत से ठीक पहले आरजेडी नेता और नीतीश के नेतृत्व वाली महागठबंधन सरकार में मंत्री रहे सुधाकर सिंह ने यह दावा किया है कि स्पीकर हमारा होगा और सरकार विश्वास मत हासिल नहीं कर पाएगी।

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