मोदी कैबिनेट का छोटे कारोबारियों को बड़ा तोहफा, MSME के लिए 10,000 करोड़ के ग्रोथ फंड को मंजूरी; लॉजिस्टिक्स के लिए बनेगी ‘ITLA’
Cabinet Decisions 2026: केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026 को हुई बैठक में लॉजिस्टिक्स, इंफ्रास्ट्रक्चर और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों (MSME) से जुड़े कई अहम फैसले लिए गए। केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण तथा रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कैबिनेट के फैसलों की जानकारी दी।
सरकार ने इंटीग्रेटेड ट्रांसपोर्ट एंड लॉजिस्टिक्स अथॉरिटी (ITLA) के गठन को मंजूरी दी है। इसके अलावा MSME सेक्टर के लिए 10,000 करोड़ रुपये के ग्रोथ फंड की स्थापना का भी फैसला किया गया है।
बैठक की शुरुआत में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गुजरात के मुख्यमंत्री से लेकर भारत के प्रधानमंत्री तक संवैधानिक पद पर 25 साल पूरे करने के अवसर पर उन्हें बधाई दी। इस मौके पर कैबिनेट ने बधाई प्रस्ताव भी पारित किया।
क्या काम करेगी ITLA?
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव के मुताबिक, भारत की GDP करीब 7 से 8 प्रतिशत की दर से बढ़ रही है, जबकि लॉजिस्टिक्स की मांग करीब 10 प्रतिशत की रफ्तार से बढ़ रही है। उन्होंने लॉजिस्टिक्स को अर्थव्यवस्था के लिए एक ‘मल्टीप्लायर फैक्टर’ बताया।
इसी बढ़ती मांग और भविष्य की जरूरतों को देखते हुए ITLA का गठन किया जा रहा है। यह देश में इंटीग्रेटेड ट्रांसपोर्ट और लॉजिस्टिक्स प्लानिंग, रिसर्च, प्रोजेक्ट अप्रेजल, मॉनिटरिंग, पॉलिसी सपोर्ट और डेटा एनालिटिक्स की शीर्ष संस्था के रूप में काम करेगी।
सरकार के कुछ साल पहले शुरू किए गए पीएम गतिशक्ति पोर्टल के आधार को आगे बढ़ाते हुए यह अथॉरिटी अगले 10 से 30 साल की परिवहन जरूरतों का अध्ययन करेगी। इसमें यह आकलन किया जाएगा कि देश को भविष्य में कितने नए रेलवे नेटवर्क, हाईवे, एयरपोर्ट, सी-पोर्ट और इनलैंड वॉटरवे की जरूरत होगी।
ITLA सड़क, रेल, बंदरगाह, नागरिक उड्डयन, तटीय शिपिंग और शहरी परिवहन जैसे अलग-अलग साधनों को एकीकृत और वैज्ञानिक तरीके से जोड़ने का काम करेगी।
MSME के लिए ₹10 हजार करोड़ का ग्रोथ फंड
कैबिनेट ने छोटे और मध्यम उद्योगों को विस्तार देने के लिए भी बड़ा वित्तीय फैसला लिया है। सरकार 10,000 करोड़ रुपये का विशेष ग्रोथ फंड बनाएगी।
इस फंड का उद्देश्य MSME को अपनी क्षमता बढ़ाने और कारोबार के विस्तार के लिए जरूरी ग्रोथ कैपिटल उपलब्ध कराना है। इससे छोटे कारोबारियों को उत्पादन क्षमता बढ़ाने, नई तकनीक अपनाने और वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धा करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
नरेंद्र मोदी के संवैधानिक पद पर 25 साल पूरे
कैबिनेट बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शासन प्रमुख के रूप में 25 साल पूरे होने पर उन्हें सम्मानित किया गया। नरेंद्र मोदी ने 7 अक्टूबर 2001 को पहली बार गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी।
इसके बाद वह 2001 से 2014 तक करीब 13 साल गुजरात के मुख्यमंत्री रहे। मई 2014 से वह भारत के प्रधानमंत्री के रूप में देश का नेतृत्व कर रहे हैं।
कैबिनेट के बधाई प्रस्ताव में इसे संसदीय लोकतंत्र में किसी निर्वाचित प्रमुख के लगातार 25 साल तक संवैधानिक पद पर रहने का अनूठा रिकॉर्ड बताया गया।

