CM योगी का लक्ष्य – ग्लोबल हब बनेगा उत्तर प्रदेश

Sandesh Wahak Digital Desk: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार राज्य को ‘विकसित उत्तर प्रदेश–समर्थ उत्तर प्रदेश @2047’ बनाने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। इस विज़न का मकसद प्रदेश को समग्र विकास, आर्थिक नेतृत्व और सांस्कृतिक पुनर्जागरण की राह पर आगे ले जाना है। इसके लिए सरकार ने अर्थ शक्ति, सृजन शक्ति और जीवन शक्ति जैसी तीन थीम पर काम शुरू किया है।

लाखों नए रोजगार भी पैदा होंगे

मुख्यमंत्री का मानना है कि आने वाले 22 सालों में यूपी की ग्लोबल पहचान केवल पारंपरिक उद्योगों से संभव नहीं है। इसलिए सरकार का विशेष जोर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, बायोटेक, ग्रीन एनर्जी और एग्रीटेक जैसे भविष्योन्मुखी सेक्टर पर है। इनसे न केवल उत्पादन और तकनीकी क्षमता बढ़ेगी, बल्कि लाखों नए रोजगार भी पैदा होंगे।

2017 से पहले यूपी निवेश के लिए सुरक्षित जगह नहीं माना जाता था। कानून-व्यवस्था की कमजोरी और हाई-टेक इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी ने निवेशकों का भरोसा तोड़ा था। लेकिन योगी सरकार ने पुलिस आधुनिकीकरण, स्मार्ट निगरानी नेटवर्क और अपराधियों पर कड़ी कार्रवाई से माहौल पूरी तरह बदल दिया।

CM Yogi Meeting

उच्च वेतन वाली नौकरियां मिलेंगी

नतीजा यह रहा कि 2023 ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में 45 लाख करोड़ से अधिक का निवेश प्रस्ताव आया, जिनमें से 15 लाख करोड़ से ज्यादा निवेश अब धरातल पर उतर चुके हैं।

प्रदेश ने हाल ही में ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) नीति लागू की है, जिससे नोएडा और लखनऊ जैसे शहर अंतरराष्ट्रीय कंपनियों का नया हब बन रहे हैं। इससे रिसर्च, डेटा एनालिटिक्स और साइबर सिक्योरिटी जैसे क्षेत्रों में उच्च वेतन वाली नौकरियां मिलेंगी।

सरकार का लक्ष्य है कि 2030 तक यूपी को 1 ट्रिलियन डॉलर और 2047 तक 6 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाया जाए। विशेषज्ञों का मानना है कि यह तभी संभव है जब निजी और सार्वजनिक निवेश के साथ मानव संसाधन विकास पर भी निरंतर ध्यान दिया जाए।

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