कांग्रेस को ऐतिहासिक दफ्तर खाली करने का नोटिस, 48 साल पुराने ठिकाने पर संकट
Sandesh Wahak Digital Desk: भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) के लिए एक युग का अंत होता दिख रहा है। केंद्र सरकार के संपदा विभाग (Estate Department) ने बुधवार को पार्टी को एक कड़ा नोटिस जारी किया है, जिसमें निर्देश दिया गया है कि 28 मार्च, 2026 तक 24 अकबर रोड स्थित अपना मुख्यालय खाली कर दें। सिर्फ मुख्य दफ्तर ही नहीं, बल्कि 5 रायसीना रोड पर स्थित इंडियन यूथ कांग्रेस (IYC) के कार्यालय को भी इसी समय सीमा के भीतर खाली करने का फरमान सुनाया गया है।
48 साल की विरासत और इंदिरा भवन का पेंच
24 अकबर रोड का यह बंगला पिछले 48 सालों से कांग्रेस की पहचान रहा है। हालांकि, पार्टी ने पिछले साल कोटला मार्ग पर अपना भव्य नया मुख्यालय ‘इंदिरा भवन’ शुरू कर दिया था, लेकिन इसके बावजूद अकबर रोड वाले परिसर से पार्टी की गतिविधियां लगातार जारी थीं। विभाग का तर्क है कि नया दफ्तर मिलने के बाद अब पुराने सरकारी बंगले को कब्जे में रखने का आधार नहीं बचता।
कांग्रेस नेताओं के लिए यह मामला सिर्फ ईंट-पत्थरों का नहीं, बल्कि भावनाओं और इतिहास का है। पार्टी के अधिकारियों का कहना है कि अकबर रोड का यह परिसर संगठन की विरासत का एक अभिन्न हिस्सा है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कांग्रेस इस बंगले के लिए बाजार दर पर नियमित रूप से किराया चुका रही है।
अभिषेक मनु सिंघवी का कड़ा रुख
नोटिस मिलते ही कांग्रेस खेमे में हलचल तेज हो गई है। वरिष्ठ वकील और कांग्रेस सांसद अभिषेक मनु सिंघवी ने इस कदम को ‘राजनीति से प्रेरित’ करार दिया है। उन्होंने कहा, यह कार्रवाई पूरी तरह अवैध है और चुनाव के समय जानबूझकर परेशान करने के लिए की गई है। हम चुप नहीं बैठेंगे और इस नोटिस के खिलाफ अदालत का दरवाजा खटखटाएंगे।
पार्टी के सूत्रों का कहना है कि 28 मार्च की समय सीमा बहुत कम है, इसलिए वे किसी भी जबरन बेदखली को रोकने के लिए तत्काल कानूनी उपाय तलाश रहे हैं। आने वाले कुछ दिन दिल्ली की राजनीति के इस सबसे चर्चित पते के लिए बेहद निर्णायक होने वाले हैं।
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