पीलीभीत वोटर लिस्ट में गड़बड़ी पर बड़ी कार्रवाई, दो SDM और कंप्यूटर ऑपरेटर पर FIR

Pilibhit Voter List Scam: उत्तर प्रदेश के पीलीभीत में मतदाता सूची में कथित गड़बड़ी के मामले में कार्रवाई की गई है। पीलीभीत सदर विधानसभा क्षेत्र की वोटर लिस्ट में अनियमितताओं की शिकायतों के बाद दो एसडीएम और एक कंप्यूटर ऑपरेटर पर कार्रवाई हुई है।

पूरनपुर के एसडीएम मयंक गोस्वामी और अमरिया के एसडीएम हेमंत चौधरी को जिला मुख्यालय से संबद्ध कर दिया गया है, जबकि कंप्यूटर ऑपरेटर अनिल कुमार की सेवा समाप्त कर दी गई है। मामले में एफआईआर भी दर्ज कराई गई है।

यह मामला तब सामने आया, जब मतदाता पहचान पत्र (EPIC Number) की ऑनलाइन जांच में एक नंबर पर दूसरे मतदाता का विवरण दिखाई देने की शिकायत मिली। कांग्रेस ने दावा किया कि पीलीभीत सदर की मतदाता सूची में कुल 16,554 प्रविष्टियों में गड़बड़ी हुई है।

419 बूथों के रिकॉर्ड की जांच का दावा

कांग्रेस के मुताबिक, 13 अक्टूबर को एक साइबर कैफे में मतदाता पहचान पत्र से जुड़ी जानकारी की जांच के दौरान नाम और पिता के नाम में अंतर दिखाई दिया। इसके बाद पार्टी से जुड़े लोगों ने दूसरे मतदाताओं के रिकॉर्ड का मिलान शुरू किया।

कांग्रेस नेता कुमुद गंगवार के नेतृत्व में 53 लोगों की टीम ने 96 घंटे तक पीलीभीत सदर के सभी 419 बूथों की मतदाता सूची में दर्ज करीब 3 लाख 48 हजार 937 मतदाताओं के रिकॉर्ड की जांच की। पार्टी ने 21 अक्टूबर को लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपने निष्कर्ष सार्वजनिक किए।

कांग्रेस का आरोप है कि 13,150 मतदाताओं के नाम बदले गए, जबकि उनके EPIC नंबर और क्रम संख्या वही रहे। पार्टी ने 804 मतदाताओं के नाम हटाने और करीब 2,600 नए नाम जोड़ने का भी दावा किया। इन आंकड़ों के आधार पर कांग्रेस ने कुल 16,554 प्रविष्टियों में गड़बड़ी का आरोप लगाया है। ये आंकड़े पार्टी के दावे हैं, सभी आरोपों की पुष्टि नहीं मानी जा सकती।

जांच में क्या सामने आया?

उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा के निर्देश पर जिला निर्वाचन अधिकारी से रिपोर्ट मांगी गई थी। शुरुआती जांच में कुछ EPIC नंबर ऑनलाइन सर्च करने पर दूसरे मतदाता का विवरण सामने आने की गड़बड़ी मिली। इसके बाद संबंधित अधिकारियों और कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

कांग्रेस ने यह भी दावा किया कि 600 से अधिक मतदाताओं ने हलफनामा देकर कहा कि उन्होंने विवरण बदलने के लिए फॉर्म-8 नहीं भरा था। वहीं, कुछ मतदाताओं ने कथित तौर पर नाम हटाने के लिए फॉर्म-7 देने से इनकार किया।

अब दो SDM को चुनावी जिम्मेदारियों से हटाकर जिला मुख्यालय से संबद्ध किया गया है और कंप्यूटर ऑपरेटर की सेवा समाप्त कर दी गई है। FIR के बाद मामले (Pilibhit Voter List Scam) में आगे की कानूनी कार्रवाई होगी। अन्य विधानसभा क्षेत्रों में भी ऐसी गड़बड़ी हुई है या नहीं, यह जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।

Also Read: ‘जेल जाने की तैयारी रखें’, MLC चुनाव से पहले अखिलेश यादव की अफसरों को चेतावनी

Get real time updates directly on you device, subscribe now.