गोरखपुर में खुले नाले में गिरकर सिक्योरिटी गार्ड की मौत, 25 करोड़ की परियोजना पर उठे सवाल
Gorakhpur News: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में खुले नाले में गिरने से एक सिक्योरिटी गार्ड की मौत हो गई। रविवार सुबह करीब 8:30 बजे छात्रसंघ चौराहे के पास रैन बसेरे के सामने नाले में युवक का शव मिला। मृतक की पहचान 31 वर्षीय सनीवेश कुमार के रूप में हुई है। वह देवरिया जिले के सलेमपुर स्थित लोहिया नगर वार्ड नंबर 13 के निवासी थे। उनके पिता का नाम तुलसी प्रसाद है।
सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को नाले से बाहर निकाला। तलाशी के दौरान जेब से आधार कार्ड और देशी शराब की एक शीशी मिली। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण पानी में डूबना बताया गया है। एसपी सिटी निमिष पाटील ने भी इसकी पुष्टि की। परिजन शव लेकर अंतिम संस्कार के लिए देवरिया चले गए।
परिजनों के मुताबिक, सनीवेश सिक्योरिटी गार्ड का काम करते थे। उनके भाई और भतीजे ने बताया कि शराब पीने की आदत के कारण उनकी पत्नी उन्हें छोड़कर मायके चली गई थी।
25.06 करोड़ की परियोजना, फिर भी नाले पर सुरक्षा नहीं
गोरखपुर में सीएम ग्रिड योजना के तहत सड़क और नालों का निर्माण कराया जा रहा है। शास्त्री चौक से छात्रसंघ चौराहा होते हुए अंबेडकर चौक, वहां से हरिओम नगर तिराहे के रास्ते ऐश्प्रा तिराहे और हरिओम नगर तिराहे से टाउनहॉल तक निर्माण कार्य चल रहा है। इस परियोजना पर 25.06 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं।
निर्माण की जिम्मेदारी अम्बे इंफ्रा प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड को दी गई है। परियोजना को 15 जुलाई 2027 तक पूरा करना है। निर्माण स्थल पर सुरक्षा इंतजामों के लिए भी धनराशि और शर्तें शामिल हैं। इसके बावजूद खुले नालों पर न स्लैब लगाए गए थे और न ही बैरिकेडिंग की व्यवस्था थी।
रविवार को युवक की मौत के बाद नगर निगम ने घटनास्थल के पास रखे स्लैब को आनन-फानन में नाले के चैंबर पर रखवा दिया। इस घटना ने निर्माण कार्य की निगरानी करने वाले ठेकेदार और जिम्मेदार अभियंताओं की भूमिका पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
खुले नालों में पहले भी जा चुकी हैं जानें
गोरखपुर में खुले और निर्माणाधीन नालों के कारण पहले भी कई हादसे हो चुके हैं।
- 21 सितंबर: मदरसा चौराहे के पास खुले, संकरे और गहरे नाले में गिरने से करीब 40 वर्षीय व्यक्ति की मौत हो गई थी। पोस्टमार्टम में उसके शराब के नशे में होने की बात सामने आई थी।
- 12 मई: शाहपुर क्षेत्र के पादरी बाजार चौराहे के पास रात करीब 8 बजे निर्माणाधीन नाले में गिरने से 68 वर्षीय मजदूर हंसराज यादव की मौत हो गई थी। हादसे में उनके पेट से सरिया आर-पार हो गया था।
- 19 फरवरी: चिलुआताल थाना क्षेत्र की राप्तीनगर विस्तार कॉलोनी में खुले नाले में गिरने से 12 वर्षीय साइकिल सवार कन्हैया की मौत हो गई थी। बताया गया था कि हाल में बने नाले के कुछ हिस्से खुले थे।
- 3 अक्टूबर: रामजानकीनगर में छोटे शनि मंदिर के पास दुकान के सामने बने खुले निर्माणाधीन नाले में रात के समय पांच साल की बच्ची गिर गई थी। स्थानीय लोगों ने उसे बचा लिया, लेकिन वहां अब तक स्लैब नहीं लगाया गया है। इस मामले में ठेकेदार को नोटिस भी दिया गया था।
लगातार हो रहे हादसों के बावजूद खुले नालों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल बने हुए हैं। सनीवेश कुमार की मौत के बाद एक बार फिर यह मुद्दा सामने आया है कि निर्माण स्थलों पर बैरिकेडिंग और नालों को ढकने जैसे जरूरी इंतजाम समय पर क्यों नहीं किए जा रहे हैं।
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