बांग्लादेश में ‘काला कानून’ के खिलाफ सरकारी कर्मचारियों ने खोला मोर्चा, बड़े आंदोलन की दी चेतावनी
Sandesh Wahak Digital Desk: बांग्लादेश की अंतरिम सरकार द्वारा लाए गए सरकारी सेवा (संशोधन) अध्यादेश के खिलाफ कर्मचारियों का गुस्सा सड़कों पर फूट पड़ा है। गुरुवार को बांग्लादेश सचिवालय के बाहर सैकड़ों सरकारी अधिकारी-कर्मचारी इकट्ठा हुए और इस कानून को वापस लेने की मांग करते हुए जमकर प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनकारी कर्मचारियों का कहना है कि यह अध्यादेश कर्मचारियों के अधिकारों का गला घोंटने वाला काला कानून है और इसे तत्काल प्रभाव से रद्द किया जाना चाहिए।
क्या है विवादित अध्यादेश
सरकार के इस संशोधन के तहत यदि कोई कर्मचारी आदेश नहीं मानता, बिना अनुमति के गैरहाजिर रहता है या दूसरों को काम करने से रोकता है, तो उसके खिलाफ बर्खास्तगी, सेवा से निष्कासन, या पदावनति जैसी कड़ी कार्रवाई की जा सकती है। यही नहीं, कर्मचारी इसे तानाशाही मानसिकता का हिस्सा मानते हैं, जिसका असर उनकी स्वतंत्रता और अधिकारों पर पड़ेगा।
कर्मचारियों की मांगें
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे एकता मंच के नेता नुरुल इस्लाम ने कहा, हम इस काले कानून को रद्द करने की मांग करते हैं। इसके साथ ही 50% महंगाई भत्ता और तानाशाही सोच रखने वाले अधिकारियों को हटाने की भी ज़रूरत है। वहीं मंच के महासचिव मुजाहिदुल इस्लाम सलीम ने सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि ये कानून भय का माहौल पैदा करता है।
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