‘ज्ञानेश कुमार देशद्रोही, CEC पद से दें इस्तीफा’, राहुल का हमला, बोले- ‘वोट चोरी’ का सबूत 100% पक्का
Rahul Gandhi on CEC: कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने गुरुवार को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार (Gyanesh Kumar) पर तीखा हमला बोला। चुनाव आयोग में दो चुनाव आयुक्तों की ओर से पिछले 10 महीनों में करीब 14 बार आपत्तियां दर्ज किए जाने की रिपोर्ट के बाद राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर CEC के इस्तीफे की मांग की।
राहुल गांधी ने ज्ञानेश कुमार को लेकर बेहद कड़ा बयान देते हुए उन्हें “देशद्रोही” कहा और आरोप लगाया कि चुनावी प्रक्रिया में गड़बड़ी हो रही है। उन्होंने कहा कि वोट की चोरी लोकतंत्र और संविधान को कमजोर करती है। उनके मुताबिक चुनाव आयोग मतदाताओं के वोट का संरक्षक है और उसकी जिम्मेदारी वोट की रक्षा करना है।
‘हवा में बातें नहीं कर रहा, सबूत के साथ कह रहा हूं’
राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने कहा कि वह बिना आधार के आरोप नहीं लगा रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि चुनावों में धांधली को लेकर उनके पास पर्याप्त जानकारी और सबूत हैं। राहुल ने कहा कि उन्हें 100 फीसदी यकीन है कि चुनावों में गड़बड़ी हो रही है और आने वाले समय में इसके बारे में और जानकारी सामने आएगी।
उन्होंने चुनाव आयोग के भीतर सामने आई आपत्तियों का हवाला देते हुए कहा कि जिन लोगों को वह कथित साजिश के लिए जिम्मेदार मानते हैं, उनमें ज्ञानेश कुमार का नाम सबसे ऊपर है। राहुल ने दावा किया कि दो चुनाव आयुक्त भी ज्ञानेश कुमार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं।
हालांकि, जिस रिपोर्ट के आधार पर यह विवाद सामने आया है, उसमें चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी की ओर से 14 औपचारिक आपत्तियों का जिक्र है। इनमें नए मतदाताओं के पंजीकरण, वोटर लिस्ट से नाम हटाने और चुनावी डेटा तक पहुंच जैसे मुद्दे शामिल हैं।
राहुल गांधी ने की CEC के इस्तीफे की मांग
राहुल गांधी ने कहा कि ज्ञानेश कुमार को तुरंत मुख्य चुनाव आयुक्त के पद से इस्तीफा देना चाहिए। उन्होंने दोनों चुनाव आयुक्तों की ओर से आपत्तियां दर्ज किए जाने की सराहना भी की।
राहुल गांधी ने यह भी दावा किया कि अगर संसद में कुछ सांसद कथित तौर पर चोरी हुए वोटों के आधार पर पहुंचे हैं, तो उनके जरिए बनाए गए कानूनों की वैधता पर भी सवाल उठेंगे। उन्होंने कहा कि अगले छह महीनों में स्थिति और स्पष्ट होने की उम्मीद है।
2023 के कानून और महाराष्ट्र चुनाव का भी जिक्र
प्रेस कॉन्फ्रेंस में राहुल गांधी ने 21 दिसंबर 2023 को पारित चुनाव आयुक्तों से संबंधित कानून का भी जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि इस कानून के बाद चुनाव आयुक्तों को जांच के दायरे से बाहर कर दिया गया।
उन्होंने महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के दौरान उठाए गए सवालों का भी उल्लेख किया और कहा कि उन्होंने उस समय प्रधानमंत्री को असहमति नोट दिया था। Rahul Gandhi का आरोप है कि उनकी आपत्तियों को नजरअंदाज करने के बाद ज्ञानेश कुमार की नियुक्ति हुई।
उधर, चुनाव आयोग ने दो चुनाव आयुक्तों की ओर से दर्ज आपत्तियों के अस्तित्व और तारीखों को खारिज नहीं किया है, लेकिन कहा है कि आयोग में अलग-अलग राय होना निर्णय प्रक्रिया का हिस्सा है और अंतिम फैसले बहुमत के आधार पर होते हैं।
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