श्रावस्ती में बड़ा खुलासा: किराने की दुकान से होता था जाली नोटों का कारोबार, फेक करेंसी के साथ एक गिरफ्तार

Sandesh Wahak Digital Desk: श्रावस्ती जिले में भारत-नेपाल सीमा के पास एक बड़े जाली नोट गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है। सोमवार को एसएसबी, एसओजी, स्थानीय पुलिस और चंडीगढ़ पुलिस की संयुक्त टीम ने हरदत्त नगर गिरंट थाना क्षेत्र में छापेमारी कर भारी मात्रा में भारतीय जाली करेंसी बरामद की है। यह कारोबार एक किराने की दुकान की आड़ में चल रहा था।

₹1.19 लाख के जाली नोट बरामद

पुलिस अधीक्षक राहुल भाटी ने प्रेस वार्ता में बताया कि हरदत्त नगर गिरंट कस्बे में स्थित शिवा ट्रेडर्स नामक किराने की दुकान पर लगभग दो घंटे तक चली छापेमारी में दुकान के काउंटर से 500 रुपये के कुल 239 जाली नोट बरामद किए गए हैं। इन कूटरचित मुद्राओं की कुल कीमत एक लाख उन्नीस हजार पांच सौ रुपये है।

पुलिस ने दुकान संचालक शिवा गुप्ता पुत्र मंगलेश्वर प्रसाद गुप्ता निवासी हरदत्त नगर गिरंट को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के विरुद्ध मुकदमा अपराध संख्या 21/2025 धारा 178, 179, 180 बीएनएस के तहत मुकदमा पंजीकृत किया गया है।

फेसबुक के जरिए होती थी सप्लाई

पूछताछ में आरोपी शिवा गुप्ता ने एक सनसनीखेज खुलासा किया। उसने बताया कि वह एक अंतर्राज्यीय गैंग का सक्रिय सदस्य है, जिसके तार राजस्थान, पंजाब, चंडीगढ़ सहित कई राज्यों में फैले हुए हैं। यह गिरोह इंटरनेट मीडिया प्लेटफॉर्म, खासकर फेसबुक के जरिए जाली नोटों के ग्राहक तलाशता था। शिवा फेसबुक पेज ऑपरेट कर अलग-अलग व्यक्तियों से संपर्क स्थापित करता था और उन्हें जाली नोटों की सप्लाई करता था। पुलिस अब इस प्रकरण में गैंग के अन्य संलिप्त सदस्यों की गहनता से जांच कर रही है।

स्थानीय पुलिस पर उठे सवाल

पुलिस अधीक्षक ने बताया कि चंडीगढ़ पुलिस स्टेशन क्राइम सेक्टर-11 में भी आरोपी के विरुद्ध 26 सितंबर 2025 को एक मुकदमा पंजीकृत किया गया था। नियमानुसार, चंडीगढ़ पुलिस अब बरामद रुपयों और आरोपी शिवा गुप्ता को अपनी हिरासत में लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।

हालांकि, यह भी सामने आया है कि जाली नोटों का यह अंतर्राज्यीय कारोबार हरदत्त नगर गिरंट थाने से महज सौ मीटर की दूरी पर चल रहा था, और स्थानीय पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लगी। इस बड़ी बरामदगी के बाद कस्बे में स्थानीय पुलिस की कार्यशैली और निष्क्रियता को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

रिपोर्ट: माता प्रसाद वर्मा

 

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