तीन मोर्चों पर घिरा पाकिस्तान: तालिबान की गोली, बलोचों की बगावत और भारत की कड़ी चेतावनी!
Sandesh Wahak Digital Desk: पाकिस्तान आज एक ऐसे खतरनाक भू-राजनीतिक “युद्ध त्रिकोण” में फंसा है, जहां हर मोर्चे पर उसे तगड़ी चुनौती मिल रही है। एक ओर पूर्वी सीमा पर भारत की सख्त सैन्य नीति ने पाकिस्तान को बैकफुट पर ला दिया है, वहीं पश्चिम में तालिबान की गोलियों ने पाक सेना को झुका दिया है। और दक्षिण-पश्चिम में बलूच विद्रोहियों की बगावत ने उसकी नींदें उड़ा दी हैं।
तालिबान: अब ‘बिरादर’ नहीं, दुश्मन बन गया!
अगस्त 2021 में अफगानिस्तान में तालिबान की वापसी को पाकिस्तान ने एक “रणनीतिक जीत” माना था। उसे लगा था कि decades-long समर्थन अब रंग लाएगा। लेकिन डूरंड लाइन को न मानने वाला तालिबान अब पाकिस्तान के लिए सिरदर्द बन गया है।
अक्तूबर 2025 में अफगान सीमा पर भड़के संघर्ष ने हालात और बिगाड़ दिए। पाकिस्तान एयरफोर्स द्वारा काबुल पर हमले के बाद तालिबान ने अंगूर अड्डा, बाजौर, चित्राल, और बलोचिस्तान के बरमचा इलाके में जवाबी कार्रवाई की। रिपोर्ट्स के मुताबिक इस संघर्ष में दर्जनों सैनिक और तालिबान लड़ाके मारे गए। दोनों पक्ष अलग-अलग आंकड़े दे रहे हैं, लेकिन एक बात साफ है — हालात बेहद तनावपूर्ण हैं।
अफगान विदेश मंत्री अमीर खान मुत्ताकी का हालिया भारत दौरा भी पाकिस्तान की बेचैनी बढ़ा गया है। कूटनीतिक रूप से पाकिस्तान अब खुद को अलग-थलग महसूस कर रहा है।
बलूचिस्तान: रेयर अर्थ मटेरियल्स की लूट और विद्रोह की आग
बलूचिस्तान लंबे समय से पाकिस्तान के लिए नासूर बना हुआ है। लेकिन 2025 में हालात और विस्फोटक हो गए हैं। BLA (बलूच लिबरेशन आर्मी) जैसे संगठनों ने पाकिस्तानी सेना और CPEC प्रोजेक्ट को बार-बार निशाना बनाया है।
- फरवरी 2025: ग्वादर पोर्ट पर आत्मघाती हमला — 4 चीनी इंजीनियर मारे गए
- मार्च: BLA ने जफर एक्सप्रेस ट्रेन हाईजैक की
- सितंबर: क्वेटा में ब्लास्ट, 10 की मौत
The Afghanistan-Pakistan border crisis, one of the worst in years, is the consequence of two fundamental truths:
-The Taliban don’t turn on close militant allies like TTP.
-Pakistan lost its leverage over the Taliban after the Afg war ended & Taliban no longer needed Pak support.— Michael Kugelman (@MichaelKugelman) October 12, 2025
पाकिस्तान ने हमेशा की तरह भारत पर आरोप मढ़े हैं, लेकिन स्थानीय नाराजगी को नजरअंदाज कर देना अब उसके लिए भारी पड़ रहा है। BLA का आरोप है कि पाकिस्तान बलूच संसाधनों को अमेरिका और चीन को बेच रहा है, जबकि बलूच जनता को हाशिए पर रखा गया है।
भारत: अब ‘न्यू नॉर्मल’ लागू
भारत ने 2024 के बाद पाकिस्तान के खिलाफ अपनी नीति में बड़ा बदलाव किया है। अप्रैल 2024 के पहलगाम हमले के बाद भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों पर सीधा हमला किया।
चार दिनों तक चले इस ऑपरेशन में:
- जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा के 9 ठिकाने तबाह
- 10 से ज्यादा पाक एयरबेस को भारी नुकसान
- पाकिस्तान के कई विमान गिराए गए
- शिमला समझौता रद्द
- सिंधु जल संधि पर पुनर्विचार
भारत ने पाकिस्तान को स्पष्ट चेतावनी दी है: “अब आतंकवाद, सीधा युद्ध माना जाएगा।”
सीमा पर ड्रोन, हथियार और नशे की तस्करी को भारत ने तकनीकी निगरानी से लगभग असंभव बना दिया है, जिससे पाकिस्तान की ‘लो-इंटेंसिटी वॉर’ रणनीति भी फेल होती दिख रही है।
पाकिस्तान की मुश्किलें:
| मोर्चा | चुनौती | हालात |
|---|---|---|
| अफगान सीमा | तालिबान से सीधा युद्ध | दर्जनों सैनिकों की मौत |
| बलूचिस्तान | खनिज संसाधनों की लूट के खिलाफ विद्रोह | सुसाइड अटैक, ट्रेन हाईजैक |
| भारत | आतंकवाद के खिलाफ कठोर नीति | एयरस्ट्राइक, ऑपरेशन सिंदूर |
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