यूपी में तब्लीगी जमात से जुड़ी हर गतिविधि पर पुलिस की पैनी नजर

डीजीपी मुख्यालय ने प्रदेश भर के एडीजी जोन व आईजी एटीएस को पत्र भेजकर दिए कार्यवाही के निर्देश

Sandesh Wahak Digital Desk:  उत्तर प्रदेश में एक बार फिर तब्लीगी जमात सुर्ख़ियों में है। अपर पुलिस महानिदेशक(एडीजी) लखनऊ जोन के दफ्तर से जारी पत्र का मजमून देखने से तो ऐसा ही लग रहा है। पुलिस ने प्रदेश भर में तब्लीगी जमात की हर गतिविधि पर पैनी नजर गड़ा दी है। हालांकि इसकी तह में जाने पर डीजीपी मुख्यालय से जुड़ा आदेश सामने आ रहा है। इस कवायद के बीच तब्लीगी जमात से जुड़े सदस्यों में कई तरह की आशंकाओं ने जन्म लेना शुरू कर दिया है। हालांकि ‘संदेशवाहक ने जब इस पत्र की पड़ताल कराई तो जिम्मेदार पुलिस अफसरों ने इसे एक सामान्य प्रक्रिया बताते हुए चुप्पी साधना ही मुनासिब समझा।

दरअसल 31 अक्टूबर 2025 को लखनऊ जोन के तहत आने वाले जिलों के पुलिस कप्तानों (एसएसपी/एसपी) के लिए एडीजी सुजीत पांडेय की तरफ से उनके स्टाफ अफसर सुरेंद्र नाथ यादव ने पत्र के रूप में एक आदेश जारी किया है। जिसकी प्रतिलिपि आईजी लखनऊ/अयोध्या जोन को भी भेजी गयी है। पत्र के मुताबिक एडीजी ने प्रत्येक दिन सबंधित जिलों में आने वाली और यहां से जाने वाली तब्लीगी जमात का पूरा ब्योरा एक निश्चित फॉर्मैट पर मांगा है।

 

आईजी कानून व्यवस्था के पत्र पर एडीजी लखनऊ जोन ने सबंधित जिलों के पुलिस कप्तानों को जारी किया आदेश

इसमें तब्लीगी जमात के आने-जाने से जुडी तिथि, जिला/राज्य, सदस्यों की संख्या जैसे पांच बिंदुओं का उल्लेख है। जिलों से सूचनाएं भी आना शुरू हो गईं हैं। पुलिस कप्तानों को रोजाना सुबह आठ बजे आईजी रेंज दफ्तर के जरिये एडीजी जोन को सूचनाएं भेजने के लिए निर्देशित किया गया है। इस तरह का पत्र देख अल्पसंख्यक समुदाय और तब्लीगी जमात से जुड़े सदस्यों के बीच अचानक कई प्रकार की चर्चाओं ने भी जन्म लेना शुरू कर दिया। अचानक ऐसा पत्र यूं ही जारी नहीं हुआ है। इस मामले में खुद डीजीपी मुख्यालय के शीर्ष अफसर सक्रिय हैं।

अमिताभ यश, एडीजी कानून व्यवस्था और एलआर कुमार, आईजी कानून व्यवस्था

इसे एडीजी कानून व्यवस्था अमिताभ यश के आदेश के बाद डीजीपी मुख्यालय में पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) कानून व्यवस्था एलआर कुमार के पत्र के बाद जारी किया गया है। 29 अक्टूबर 2025 को प्रदेश के आईजी कानून व्यवस्था एलआर कुमार की तरफ से सभी जोनल एडीजी और आईजी एटीएस को एक पत्र इसी संबंध में भेजा गया था। जिसमें तब्लीगी जमात से जुड़ी 25 और 26 अक्टूबर की सारी गतिविधियों की जानकारी मांगी गयी है। पत्र में उनके आगमन/प्रस्थान, संबंधित सदस्यों के मोबाइल नंबर और पते व आने-जाने के मकसद से लेकर विभिन्न सवाल पूछे गए हैं। साथ ही इन जानकारियों पर जांच कर कार्यवाही करने के निर्देश भी दिए गए हैं। मामला डीजीपी मुख्यालय के बड़े अफसरों से जुड़ा होने के चलते ही लखनऊ जोन के जिम्मेदारों ने खुद इस मुद्दे पर बात करना मुनासिब नहीं समझा।

जिम्मेदार अफसरों ने सफाई देते हुए साधी चुप्पी

इस मुद्दे पर कोई भी पुलिस अफसर खुलकर बोलने को तैयार नहीं है। सोमवार को एडीजी लखनऊ जोन सुजीत पांडेय के अवकाश पर होने के कारण उनका पक्ष नहीं मिल सका। वहीं उनके दफ्तर से जुड़े आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि तब्लीगी जमात से जुड़ा यह आदेश एक सतत प्रक्रिया है। संबंधित जिलों में आगमन/प्रस्थान करने वाले जमात से जुड़े सदस्यों की जांच की जाती है। जिससे इसकी आड़ में कोई संदिग्ध व्यक्ति न आने पाए। ऐसा काफी पहले से होता आया है। इस बार सिर्फ एक निश्चित फॉर्मैट पर सहूलियत के लिए कुछ बिंदुओं पर जानकारियां तलब की गयी हैं। डीजीपी मुख्यालय ने तो मोबाइल नंबर की जानकारी तक मांगी थी, लेकिन एडीजी लखनऊ जोन के आदेश में इसका कोई जिक्र नहीं है।

कहीं यह कारण तो नहीं

माना जा रहा है कि हाल ही में मेवात में 25 से 27 अक्टूबर तक तब्लीगी जमात ने एक विशाल जलसे का आयोजन किया था। जिसमें जमात से जुड़े तीन लाख से ज्यादा लोगों ने प्रतिभाग किया है। तब्लीगी जमात के अमीर हजरत मौलाना साद समेत कई धार्मिक हस्तियों ने भी इस जलसे में शिरकत की थी। संभावना जताई जा रही है कि यूपी से जितने लोग इस जलसे में गए थे। उनकी जानकारी के लिए ही यूपी पुलिस ने ऐसा कदम उठाया है। बावजूद इसके, एडीजी लखनऊ जोन के दफ्तर ने तब्लीगी जमात से जुड़ी जानकारी प्रत्येक दिवस में मांगी तो मुस्लिम समुदाय के बीच मानो हड़कंप ही मच गया।

Also Read: दुष्कर्म मामले में राजनीतिक-पुलिस गठजोड़ पर नकेल, SP डॉ. ईरज राजा ने SHO को किया निलंबित

Get real time updates directly on you device, subscribe now.