अंकिता भंडारी केस में राहुल गांधी की राष्ट्रपति को चिट्ठी, दुष्यंत गौतम की नियुक्ति रोकने की मांग
Rahul Gandhi Letter to President: अंकिता भंडारी हत्याकांड (Ankita Bhandari Case) को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु (Droupadi Murmu) को पत्र लिखकर बीजेपी नेता दुष्यंत गौतम (Dushyant Gautam) की सिक्किम के राज्यपाल पद पर नियुक्ति पर पुनर्विचार करने की अपील की है। उन्होंने मांग की है कि मामले की जांच पूरी होने तक गौतम को पदभार ग्रहण करने से रोका जाए।
राहुल गांधी ने उठाया VIP की पहचान का सवाल
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर राष्ट्रपति को भेजा गया पत्र साझा किया। उन्होंने लिखा कि 19 वर्षीय अंकिता भंडारी ने एक VIP के लिए अपनी गरिमा से समझौता करने से इनकार किया था, जिसके कारण उसकी हत्या कर दी गई।
राहुल (Rahul Gandhi) ने कहा कि घटना के चार साल बाद भी सीबीआई जांच की धीमी गति के चलते कथित VIP की पहचान को लेकर सवाल बने हुए हैं। उन्होंने दावा किया कि अंकिता के परिवार सहित कई लोग दुष्यंत गौतम को इस मामले (Ankita Bhandari Case) से जुड़ा मानते हैं। ऐसे में उनकी राज्यपाल पद पर नियुक्ति हैरान करने वाली है।
राहुल गांधी ने यह भी कहा कि राज्यपाल पद पर रहते हुए गौतम के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही नहीं हो सकती। उन्होंने राष्ट्रपति से सरकार को नियुक्ति पर दोबारा विचार करने की सलाह देने की अपील की, ताकि अंकिता के माता-पिता को न्याय मिलने की उम्मीद बनी रहे। हालांकि, गौतम की कथित भूमिका को लेकर लगाए गए आरोपों की पुष्टि इस खबर में नहीं की गई है।
दुष्यंत गौतम की नियुक्ति के बाद 14 अक्टूबर को अंकिता के माता-पिता ने दिल्ली के इंडिया गेट पर धरना दिया था। इस दौरान राहुल गांधी और प्रियंका गांधी भी उनके समर्थन में पहुंचे थे।
सीएम धामी बोले, कांग्रेस कर रही राजनीति
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी (Pushkar Singh Dhami) ने कांग्रेस पर अंकिता मामले को राजनीतिक मुद्दा बनाने का आरोप लगाया। उत्तरकाशी के बरनीगाड़ में उन्होंने कहा कि सरकार की पूरी संवेदनाएं अंकिता के परिवार के साथ हैं।
धामी के मुताबिक, राज्य सरकार ने CBI जांच की मांग स्वीकार करते हुए जांच कराने का फैसला लिया था। उन्होंने यह भी कहा कि हाईकोर्ट में सरकार की मजबूत पैरवी के चलते दोषियों की जमानत याचिकाएं खारिज हुईं। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि सरकार मामले (Ankita Bhandari Case) को गंभीरता से ले रही है और दोषियों को सलाखों के पीछे पहुंचाया गया है।
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