रेलवे ग्रुप डी भर्ती: जनरल से ज्यादा SC का कटऑफ, RRC के बाहर अभ्यर्थियों का प्रदर्शन
Railway Group D Recruitment: रेलवे ग्रुप डी भर्ती के कटऑफ को लेकर बुधवार को अभ्यर्थियों ने रेलवे भर्ती प्रकोष्ठ (आरआरसी) के बाहर सुबह से शाम तक प्रदर्शन किया। अभ्यर्थियों ने कोर्स कंप्लीटेड एक्ट अप्रेंटिस (सीसीएए) के तहत जारी सूची पर सवाल उठाए और भर्ती प्रक्रिया में अनियमितता के आरोप लगाए। उनका कहना था कि सामान्य वर्ग का कटऑफ 71.493 अंक है, जबकि अनुसूचित जनजाति (एसटी) वर्ग का कटऑफ 73.048 अंक तक पहुंच गया। अभ्यर्थियों ने पूछा कि एसटी वर्ग का कटऑफ सामान्य वर्ग से अधिक कैसे हो गया।
अभ्यर्थियों ने इस बात पर भी आपत्ति जताई कि सीसीएए की सूची में रेलवे के बजाय दूसरे विभागों से अप्रेंटिस करने वाले उम्मीदवारों को भी शामिल किया गया है।
जनरल और एसटी कटऑफ में अंतर पर सवाल
उत्तर मध्य रेलवे ने वर्ष 2024 में ग्रुप डी के करीब दो हजार पदों पर भर्ती निकाली थी। इनमें कोर्स कंप्लीटेड एक्ट अप्रेंटिस (सीसीएए) के लिए 404 पद निर्धारित किए गए थे। आईटीआई पास अभ्यर्थियों ने रेलवे में अप्रेंटिसशिप पूरी करने के बाद इन पदों के लिए आवेदन किया था। सीसीएए के तहत इनके लिए 20 प्रतिशत सीटें आरक्षित थीं।
रेलवे की ओर से कंप्यूटर आधारित परीक्षा (सीबीटी) और शारीरिक दक्षता परीक्षा के बाद दस्तावेज सत्यापन और मेडिकल जांच के लिए अभ्यर्थियों की सूची जारी की गई। दस्तावेज सत्यापन की प्रक्रिया 26 अक्टूबर से 23 नवंबर तक होनी है।
जारी सूची में अलग-अलग वर्गों का कटऑफ इस प्रकार है:
- सामान्य वर्ग: 71.493 अंक
- एससी वर्ग: 71.447 अंक
- एसटी वर्ग: 73.048 अंक
- ओबीसी वर्ग: 71.187 अंक
- ईडब्ल्यूएस वर्ग: 71.203 अंक
एसटी वर्ग का कटऑफ सामान्य वर्ग से अधिक होने पर अभ्यर्थियों ने सवाल उठाए। उन्होंने पश्चिम रेलवे का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां सीसीएए अभ्यर्थियों की सूची अलग से जारी की गई है। उनका आरोप था कि उत्तर मध्य रेलवे की सूची में दूसरे विभागों से अप्रेंटिस करने वाले अभ्यर्थियों को भी शामिल किया गया है।
आरआरसी चेयरमैन ने दिया मदद का आश्वासन
प्रदर्शन के दौरान अभ्यर्थियों के दो प्रतिनिधियों ने आरआरसी चेयरमैन आशीष शुक्ला से बातचीत की। उन्होंने समझाया कि दस्तावेज सत्यापन के दौरान सीसीएए की सूची अलग हो जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि पदों की संख्या कम होने के कारण मेरिट सूची में कटऑफ अधिक रह सकता है।
लिखित शिकायत मिलने पर मदद करने का आश्वासन दिए जाने के बाद प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थी लौट गए।
रेलवे निर्माण कार्यों के सुपरवाइजरों को भी मिलेगा प्रशिक्षण
रेलवे में रेलपथ, स्टेशन विकास और पुल निर्माण से जुड़े कार्यों की गुणवत्ता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ठेकेदारों के साइट सुपरवाइजरों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। रेलवे बोर्ड ने निर्माण कार्यों की तीन श्रेणियों के लिए अलग-अलग प्रशिक्षण मॉड्यूल तय किए हैं।
इन पाठ्यक्रमों में ट्रैक के रखरखाव, स्टेशन पुनर्विकास, भवन निर्माण और पुलों के निर्माण व मरम्मत से जुड़े तकनीकी पहलुओं को शामिल किया गया है। इसका उद्देश्य रेलवे के निर्माण कार्यों में गुणवत्ता और सुरक्षा से जुड़े मानकों को सुनिश्चित करना है।
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