दिल्ली दंगा के आरोपी उमर खालिद और शरजील इमाम को हाईकोर्ट से झटका, जमानत याचिका खारिज

Sandesh Wahak Digital Desk: वर्ष 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों की साजिश से जुड़े यूएपीए (UAPA) मामले में आरोपी उमर खालिद और शरजील इमाम को दिल्ली हाईकोर्ट से एक बार फिर राहत नहीं मिली है। अदालत ने दोनों की जमानत याचिका को खारिज कर दिया है। पिछले करीब छह वर्षों से हिरासत में बंद दोनों आरोपियों की अर्जी पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि पीठ न्यायिक अनुशासन से बंधी हुई है और शीर्ष अदालत द्वारा तय की गई शर्तों में फेरबदल नहीं कर सकती।

न्यायिक सीमा और सुप्रीम कोर्ट की शर्तें

जस्टिस प्रतिभा एम. सिंह और जस्टिस दिनेश भट्ट की पीठ ने सुनवाई के दौरान कहा कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा पूर्व में जारी किए गए आदेशों में संशोधन करना उनके अधिकार क्षेत्र से बाहर है। उच्चतम न्यायालय के निर्देशानुसार जमानत पर विचार के लिए संरक्षित गवाहों के बयान पूरे होने अथवा 5 जनवरी 2026 के आदेश से एक वर्ष की अवधि बीतने की शर्तें रखी गई हैं, जिनका पालन अनिवार्य है।

साजिश और हिंसा भड़काने के आरोप

उमर खालिद और शरजील इमाम पर फरवरी 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुए सांप्रदायिक दंगों की गहरी साजिश रचने का आरोप है। दिल्ली पुलिस का दावा है कि नागरिकता संशोधन कानून (CAA) और एनआरसी (NRC) के खिलाफ हुए प्रदर्शनों की आड़ में भड़काऊ भाषण देकर सुनियोजित तरीके से हिंसा फैलाई गई थी। अदालत के इस रुख के बाद दोनों आरोपियों को फिलहाल जेल में ही रहना होगा।

Also Read: शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ के विमल इलायची विज्ञापन केस में फैसला जल्द, FDA ने पूरी की सुनवाई

Get real time updates directly on you device, subscribe now.