राहुल गांधी पर 15 विशेषाधिकार प्रस्ताव लंबित, निशिकांत दुबे ने लोकसभा अध्यक्ष से की त्वरित कार्रवाई की मांग
Sandesh Wahak Digital Desk: भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ सांसद निशिकांत दुबे ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ अनुराग ठाकुर द्वारा दिए गए विशेषाधिकार हनन नोटिस पर तीखा हमला बोला है। गोड्डा सांसद ने लोकसभा अध्यक्ष से मांग की है कि राहुल गांधी के खिलाफ लंबित पड़े करीब 15 विशेषाधिकार हनन प्रस्तावों पर अविलंब कड़ा संज्ञान लिया जाना चाहिए। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस 12 वर्षों से सत्ता से बाहर है और बिना सत्ता के पार्टी नेताओं का दिमाग शून्यता की स्थिति में पहुंच गया है, जिसके चलते वे लगातार बिना सिर-पैर के बयानबाजी कर रहे हैं।
नेता प्रतिपक्ष की अमर्यादित भाषा पर कार्रवाई जरूरी
सांसद निशिकांत दुबे ने समाचार पत्रों में छपे बयानों का हवाला देते हुए कहा कि राहुल गांधी जिस तरह की अमर्यादित भाषा का प्रयोग कर रहे हैं, वह संसदीय परंपराओं के सर्वथा विपरीत है। उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि यदि नेता प्रतिपक्ष के इस रवैये को नजरअंदाज किया गया, तो भविष्य में अन्य सांसद भी इसी तरह का आचरण अपनाने लगेंगे। दुबे ने अध्यक्ष से आग्रह किया कि सदन की गरिमा बनाए रखने के लिए लंबित विशेषाधिकार प्रस्तावों पर तुरंत निर्णायक कदम उठाए जाएं।
तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के ‘इंजीनियरिंग ग्रेजुएट क्रिमिनल वेस्ट हैं’ वाले कथित बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए निशिकांत दुबे ने कहा कि रेवंत रेड्डी राहुल गांधी के दबाव में इस तरह के बयान दे रहे हैं। इसी दौरान उन्होंने रेड्डी के साथ अपनी पुरानी यादें ताजा करते हुए उन्हें एक अच्छा इंसान और पुराना मित्र बताया।
भाजपा सांसद ने खुलासा किया कि रेवंत रेड्डी की वैचारिक पृष्ठभूमि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) से जुड़ी रही है। उन्होंने याद दिलाया कि साल 1995 में जब उन्होंने स्वदेशी जागरण मंच के बैनर तले सेवाग्राम से आलमपुर तक 750 किलोमीटर लंबी पदयात्रा निकाली थी, तब रेवंत रेड्डी ने उस मार्च में बढ़-चढ़कर भाग लिया था और संघ परिवार को मजबूत करने में योगदान दिया था।
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