यूपी में बदल गया जमीन नापने का तरीका, GNSS रोवर से होगी सटीक पैमाइश

Uttar Pradesh Land Survey: उत्तर प्रदेश में जमीन की पैमाइश और सीमांकन की प्रक्रिया अब आधुनिक तकनीक से होगी। योगी सरकार राजस्व विभाग के जरिए GNSS रोवर तकनीक का बड़े स्तर पर इस्तेमाल कर रही है। विभाग ने कुल 504 GNSS रोवर खरीदे हैं। इनमें से 350 रोवर तहसीलों तक पहुंच चुके हैं और फील्ड सर्वेक्षण में इस्तेमाल किए जा रहे हैं।

राजस्व परिषद की आयुक्त एवं सचिव कंचन वर्मा ने बताया कि 143 रोवर 10 शहरी स्थानीय निकायों यानी ULB की नक्शा परियोजनाओं में लगाए गए हैं। इसके अलावा हरदोई स्थित KTS यानी चकबंदी प्रशिक्षण केंद्र में दो रोवर उपलब्ध कराए गए हैं। लेखपाल प्रशिक्षण संस्थानों के लिए खरीदे गए नौ रोवर से सभी प्रशिक्षण पूरे हो चुके हैं।

1 से 5 सेंटीमीटर तक सटीक सर्वे

भूमि सीमाओं से जुड़े मामलों के जल्द निस्तारण के लिए धारा-24 का विशेष महाअभियान 1 जुलाई से 15 अगस्त तक चलाया गया था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसकी शुरुआत 1 जुलाई को सहारनपुर से की थी।

GNSS रोवर उपग्रहों से मिलने वाले सिग्नल के आधार पर जमीन के किसी बिंदु की सटीक स्थिति बताता है। उत्तर प्रदेश के नेटवर्क से जुड़ने पर इसकी सटीकता लगभग 1 से 5 सेंटीमीटर तक हो सकती है। इससे जमीन के प्रमुख बिंदुओं के डिजिटल निर्देशांक दर्ज कर दूरी, क्षेत्रफल और डिजिटल नक्शा तैयार किया जाता है।

डिजिटल रिकॉर्ड से बढ़ेगी पारदर्शिता

रोवर से तैयार डेटा भूमि रिकॉर्ड और नक्शा प्रणालियों को व्यवस्थित करेगा। इससे रिकॉर्ड की गुणवत्ता जांचने, डेटा की ट्रेसबिलिटी बनाए रखने और GIS आधारित मैपिंग में मदद मिलेगी। सरकार को उम्मीद है कि इससे पैमाइश और सीमांकन के मामलों में पारदर्शिता बढ़ेगी और विवादों का निस्तारण तेज होगा।

Get real time updates directly on you device, subscribe now.