बांग्लादेश में 21 दिनों में 6 हिंदुओं की हत्या, फेसबुक पर देश के हालात बयां करने वाले दुकानदार को उतारा मौत के घाट

Sandesh Wahak Digital Desk: बांग्लादेश में कट्टरपंथियों के निशाने पर अब आम हिंदू दुकानदार और पत्रकार आ गए हैं। सोमवार को देश के अलग-अलग हिस्सों में दो हिंदुओं की बेरहमी से हत्या कर दी गई। इन घटनाओं के बाद वहां के हिंदू समाज में भारी आक्रोश और असुरक्षा की भावना है।

नरसिंदी जिले के पालाश उपजिला में 40 वर्षीय हिंदू किराना दुकानदार शरत चक्रवर्ती मणि की सोमवार रात उनके दुकान पर ही धारदार हथियारों से गला रेतकर हत्या कर दी गई। स्थानीय मीडिया और वीकली ब्लिट्ज की रिपोर्ट के अनुसार, शरत की मौत की वजह उनकी एक फेसबुक पोस्ट हो सकती है।

क्या लिखा था पोस्ट में

19 दिसंबर को शरत ने फेसबुक पर देश में जारी हिंसा पर चिंता जताते हुए लिखा था कि उनकी जन्मभूमि ‘मौत की घाटी’ बनती जा रही है। आशंका जताई जा रही है कि इसी पोस्ट से नाराज कट्टरपंथियों ने उन पर हमला किया।

हिंदू पत्रकार और कारोबारी की भी हत्या

उसी दिन एक और खौफनाक वारदात जेसोर जिले में हुई। यहाँ 38 वर्षीय राणा प्रताप बैरागी को अज्ञात हमलावरों ने मौत के घाट उतार दिया। बैरागी न केवल एक आइस फैक्ट्री के मालिक थे, बल्कि वह ‘दैनिक बीडी खबर’ अखबार के संपादक भी थे। उन पर भी धारदार हथियारों से वार किया गया, जिससे मौके पर ही उनकी जान चली गई।

तीन हफ्ते में 6 मौतें, सरकार का रवैया उदासीन

पिछले 21 दिनों में बांग्लादेश के विभिन्न हिस्सों में कुल 6 हिंदुओं को निशाना बनाया गया है। मानवाधिकार संगठनों का आरोप है कि यूनुस सरकार अपराधियों के खिलाफ सख्त कदम उठाने के बजाय इन घटनाओं को सामान्य अपराध बताकर दबाने की कोशिश कर रही है। उग्रवादियों के बढ़ते हौसलों ने वहां के अल्पसंख्यकों को अपने ही देश में बेगाना बना दिया है।

स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ये हमले सुनियोजित तरीके से किए जा रहे हैं। खासकर उन लोगों को निशाना बनाया जा रहा है जो सोशल मीडिया पर अपनी आवाज उठा रहे हैं या समाज में प्रभावशाली भूमिका निभा रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय समुदाय लगातार बांग्लादेश सरकार से अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग कर रहा है।

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