राज्यसभा चुनाव क्रॉस वोटिंग पर कांग्रेस ने 5 विधायकों को थमाया नोटिस, बेटे ने पिता से तोड़ा रिश्ता
Sandesh Wahak Digital Desk: देश में हाल ही में संपन्न हुए 37 राज्यसभा सीटों के चुनावों ने सियासत के कई रंग दिखाए। अलग-अलग राज्यों में क्रॉस वोटिंग (पाले बदलकर वोट देना) और विधायकों के गायब होने की घटनाओं ने राजनीतिक सरगर्मियां बढ़ा दीं। अब, चुनाव खत्म होने के बाद, बागी विधायकों के खिलाफ एक्शन का दौर शुरू हो गया है। हरियाणा कांग्रेस ने कड़ा रुख अपनाते हुए अपने पांच विधायकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इन पर आरोप है कि इन्होंने पार्टी लाइन से हटकर राज्यसभा चुनाव में क्रॉस-वोटिंग की थी।
कांग्रेस ने जिन पांच विधायकों से स्पष्टीकरण मांगा है, उनमें मुहम्मद इलियास, मुहम्मद इसराइल, रेनू बाला, शैली चौधरी और जरनैल सिंह शामिल हैं। पार्टी ने इन विधायकों से राज्यसभा चुनाव के दौरान उनके वोटिंग पैटर्न (किसे वोट दिया) के बारे में लिखित सफाई मांगी है। उन्हें एक तय समय सीमा के भीतर अपनी स्थिति स्पष्ट करने को कहा गया है, वरना अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है।
#WATCH | Delhi: Nazim Choudhary, son of MLA Chaudhary Mohd Israil, who allegedly cross-voted in Haryana Rajya Sabha Elections, says, "… I want to make it clear to you that from today onwards, I declare that I have no relationship with my father, nor will I have any in the… https://t.co/cJQpPoTNwN pic.twitter.com/ke4ZJPS7JI
— ANI (@ANI) March 22, 2026
बेटे ने पिता और चाचा से किया किनारा
इस राजनीतिक उठापटक के बीच, सबसे भावुक और चौंकाने वाली खबर विधायक चौधरी मोहम्मद इसराइल के घर से आई है। क्रॉस-वोटिंग के आरोपों से आहत होकर उनके बेटे नाज़िम चौधरी ने अपने पिता और परिवार से सार्वजनिक रूप से नाता तोड़ लिया है। नाज़िम चौधरी ने एक कड़ा बयान जारी कर कहा, मैं आपको यह पूरी तरह स्पष्ट कर देना चाहता हूँ कि आज से मैं यह घोषणा करता हूँ कि मेरा अपने पिता से कोई संबंध नहीं है। इसके साथ ही न ही भविष्य में उनसे कोई संबंध रहेगा। मुझे नहीं पता कि भविष्य में क्या होगा, लेकिन निश्चित रूप से मेरा उनसे कोई रिश्ता नहीं रहेगा।
पिता के साथ-साथ नाज़िम ने अपने चाचा से भी संबंध खत्म करने का ऐलान किया। उन्होंने कहा, मेरे परिवार का एक और सदस्य भी इसमें शामिल है। मेरे चाचा से भी अब मेरा कोई संबंध नहीं है। परिवार टूटने के बावजूद नाज़िम चौधरी अपनी राजनीतिक विचारधारा पर अडिग दिखे। उन्होंने भावुक होकर कहा, मेरा घर भले ही टूट गया हो, लेकिन मेरे घर से कोई राहुल गांधी को नहीं हरा सकता। मैं कांग्रेस पार्टी और राहुल गांधी के साथ मजबूती से खड़ा हूँ।
पार्टी के प्रति अपनी वफादारी जताते हुए उन्होंने आगे कहा, पार्टी किसी की मोहताज नहीं है। यहाँ बहुत से नेता हैं, किसी के जाने से पार्टी को कोई फर्क नहीं पड़ता है। बेटे के इस ऐलान के बाद यह तो साफ हो गया है कि चुनाव भले ही खत्म हो गया है, लेकिन प्रदेश में राजनीतिक और पारिवारिक विवाद अभी थमा नहीं है।
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