यूपी में क्रिकेट खेलते समय दो युवकों की हार्ट अटैक से मौत, परिवारों में मचा कोहराम

Bareilly News: उत्तर प्रदेश में अचानक दिल का दौरा (हार्ट अटैक) पड़ने के मामले डराने वाली हद तक बढ़ते जा रहे हैं। आए दिन ऐसी खबरें सामने आ रही हैं जहाँ हट्टे-कट्टे लोग अचानक दम तोड़ देते हैं। अब ताजा और बेहद दुखद मामले बरेली और शाहजहांपुर जिलों से सामने आए हैं, जहाँ क्रिकेट के मैदान पर खेल के बीच ही एक छात्र और एक युवा अंपायर की हार्ट अटैक से मौत हो गई। इन दोनों घटनाओं से पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया है और खेल प्रेमियों में शोक की लहर दौड़ गई है।

केस 1: ईद की खुशियाँ मातम में बदलीं, दिल्ली से पढ़ाई कर लौटा शाकिब नहीं रहा

पहली हृदयविदारक घटना बरेली जिले के हरपुर मटकली गांव की है। पुलिस और परिजनों के मुताबिक, 22 वर्षीय शाकिब दिल्ली में रहकर बीएससी (B.Sc) की पढ़ाई कर रहा था। वह आने वाली ईद का त्योहार अपने परिवार के साथ मनाने के लिए करीब सात दिन पहले ही घर आया था। घर में त्योहार की तैयारियां चल रही थीं और हर तरफ खुशी का माहौल था।

शुक्रवार दोपहर करीब 12 बजे शाकिब अपने दोस्तों के साथ गांव के ईदगाह के पास स्थित मैदान में क्रिकेट खेल रहा था। खेल अभी चल ही रहा था कि शाकिब अचानक जमीन पर गिर पड़ा और उसकी सांस फूलने लगी। यह देख उसके दोस्त और परिजन घबरा गए। वे उसे तुरंत नजदीकी अस्पताल लेकर भागे, लेकिन अफ़सोस, डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। ईद से ठीक पहले शाकिब की अचानक मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है और पूरे गांव में मातम पसर गया है।

केस 2: शाहजहांपुर में अंपायर और शिक्षक सोनल चंद्रा ने मैदान पर ही तोड़ा दम

दूसरी दुखद घटना शाहजहांपुर के ओसीएफ (OCF) ग्राउंड पर शनिवार दोपहर को हुई। यहाँ क्रिकेट मैच के दौरान 30 वर्षीय खिलाड़ी और अंपायर सोनल चंद्रा की हार्ट अटैक से मौत हो गई। शाहजहांपुर क्रिकेट एसोसिएशन के को-ऑर्डिनेटर डॉ. मनोज यादव ने बताया कि रोजा के आदर्श नगर कॉलोनी निवासी सोनल चंद्रा शनिवार को ओसीएफ और फैक्ट्री के बीच खेले जा रहे मैच में शामिल थे। वह एक होनहार खिलाड़ी थे और अंपायर की भूमिका भी निभाते थे। मैच में बैटिंग के दौरान उन्होंने शानदार 33 रन बनाए। इसके बाद जब वह मैदान पर बैठ रहे थे, तभी उन्होंने साथियों से सीने में तेज दर्द की शिकायत की।

साथी खिलाड़ी उन्हें तुरंत रोडवेज के सामने एक निजी डॉक्टर के पास ले गए, जहाँ प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें बरेली अस्पताल रेफर कर दिया गया। हालत बिगड़ती देख परिवार वाले उन्हें बरेली ले जा रहे थे, लेकिन रास्ते में तिलहर के आगे उन्हें फिर से तेज अटैक पड़ा। बरेली के निजी अस्पताल पहुँचने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

शहीद पिता की इकलौती संतान थे सोनल

सोनल चंद्रा की मौत की खबर ने उनके परिवार को झकझोर कर रख दिया है। वह राना पब्लिक स्कूल निगोही में शिक्षक थे और अपनी मां सुनीता चंद्रा की इकलौती संतान थे। सोनल के पिता महेश चंद्रा सीमा सुरक्षा बल (BSF) में तैनात थे और करीब 30 साल पहले देश के लिए शहीद हो गए थे। पति के निधन के बाद से मां सुनीता चंद्रा, जो एक साल पहले ही सरकारी अध्यापिका पद से सेवानिवृत्त हुई हैं, बेटे के सहारे ही रोजा में रह रही थीं।

दुख की बात यह भी है कि बीते 17 मार्च को ही सोनल ने अपना 30वां जन्मदिन मनाया था। जन्मदिन के महज तीन दिन बाद हुई उनकी अचानक मौत ने माँ और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल कर दिया है। घर में कोहराम मचा हुआ है और सांत्वना देने वालों की भीड़ लगी है।

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