कमरे में ज्यादा दिन छिप नहीं सकते, बाहर खींचकर लाएंगे, खरगे का अमित शाह पर तीखा हमला
Parliament News: लोकसभा से पारित होने के बाद ‘लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक, 2026’ गुरुवार (30 जुलाई) को राज्यसभा में पेश किया गया। सदन में इस विधेयक पर चर्चा की शुरुआत कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने की। अपने संबोधन में उन्होंने शायरी के जरिए केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, “मासूम सिसकते रहे और पेपर चुराने वाले हंसते रहे।”
खरगे ने कहा कि केवल सजा और जुर्माना बढ़ाने से पेपर लीक जैसी घटनाएं नहीं रुकेंगी। उनके अनुसार, इस बिल में व्यवस्था सुधार के बजाय दंड बढ़ाने पर अधिक जोर दिया गया है।
छात्रों पर कार्रवाई को लेकर सरकार पर साधा निशाना
खरगे ने हाल ही में हुए संसद मार्च के दौरान छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई का भी मुद्दा उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों को संवाद का अवसर देने के बजाय उनके खिलाफ लाठीचार्ज, पैलेट गन और आंसू गैस का इस्तेमाल किया गया।
उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले पर न तो प्रधानमंत्री ने कोई बयान दिया और न ही केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सदन में जवाब दिया। खरगे ने सवाल किया कि इतनी बड़ी घटनाओं के बावजूद गृह मंत्री आखिर चुप क्यों हैं।
अमित शाह पर सीधा आरोप, सदन में हुआ हंगामा
चर्चा के दौरान मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा, “इसका जिम्मेदार कौन है? होम मिनिस्टर।” उन्होंने पूछा कि छात्रों पर लाठीचार्ज और पैलेट गन के इस्तेमाल का आदेश किसके निर्देश पर दिया गया।
अपने भाषण के दौरान उन्होंने यह भी कहा कि “बंद कमरे में आप मेरी बात सुन रहे होंगे, लेकिन छिपकर आप बहुत दिन रह नहीं सकते। एक दिन हम बाहर खींचकर लाएंगे और जनता के सामने दिखाएंगे कि क्या है।” इस टिप्पणी के बाद ट्रेजरी बेंच के सदस्यों ने जोरदार विरोध किया और सदन में हंगामा शुरू हो गया।
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