भरत तिवारी का एनकाउंटर करने वाला STF अधिकारी गिरफ्तार, माँ ने लगाया था हत्या का आरोप
Sandesh Wahak Digital Desk: बिहार के बहुचर्चित भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में भोजपुर पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए एसटीएफ (STF) के एक अधिकारी को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार अधिकारी पर भरत तिवारी को गोली मारने का गंभीर आरोप है। मृतक की माँ आशा देवी ने शुरुआत से ही इसे फर्जी एनकाउंटर बताते हुए एसटीएफ अधिकारी पर अपने बेटे की हत्या का आरोप लगाया था। शुक्रवार को मिली जानकारी के मुताबिक आरोपी अधिकारी को हिरासत में लेकर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, हालांकि अभी तक संबंधित अधिकारी की पहचान सार्वजनिक नहीं की गई है।
यह कार्रवाई बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी द्वारा पीड़ित परिवार से मुलाकात करने के तुरंत बाद देखने को मिली है। हाल ही में मुख्यमंत्री ने भरत की माँ आशा देवी और परिजनों से मिलकर मामले में निष्पक्ष जांच और न्याय दिलाने का पूरा भरोसा दिया था। इसी निर्देश के बाद प्रशासन हरकत में आया। इसके अलावा, मामले से जुड़े जगदीशपुर के एसडीएम संजीत कुमार को भी मुख्यमंत्री के आदेश पर पद से हटाते हुए पटना मुख्यालय से अटैच कर दिया गया है।
डीएसपी की नई पोस्टिंग पर परिजनों ने जताया असंतोष
भरत के परिवार ने एनकाउंटर में शामिल दो मुख्य अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग उठाई थी। हालांकि, एनकाउंटर से जुड़े एसडीपीओ राजेश शर्मा को पटना में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) में डीएसपी के पद पर नई तैनाती दिए जाने पर परिजनों ने गहरा असंतोष व्यक्त किया है। परिवार का कहना है कि कार्रवाई के बजाय स्थानांतरण करना न्यायसंगत नहीं है।
उल्लेखनीय है कि भोजपुर जिले के बिलौटी गांव निवासी भरत तिवारी की बीते 17 जून को एक पुलिस मुठभेड़ में मौत हो गई थी। पुलिस का दावा था कि भरत के पास अवैध हथियार थे और उसने पुलिस टीम पर फायरिंग की, जिसके जवाब में चलाए गए कारतूस से उसकी जान गई। इसके उलट, परिजनों का आरोप है कि भरत ने आत्मसमर्पण (सरेंडर) करने का प्रयास किया था, लेकिन पुलिस ने उसे फर्जी एनकाउंटर बनाकर जानबूझकर गोली मारी। फिलहाल इस पूरे घटनाक्रम की न्यायिक जांच जारी है।

