IAS दिव्या मित्तल का इस्तीफा मंजूर, 13 साल की सेवा खत्म, प्रशासनिक जिम्मेदारियों से बाहर

IAS Divya Mittal Resignation: उत्तर प्रदेश कैडर की चर्चित IAS अधिकारी दिव्या मित्तल अब प्रशासनिक सेवा का हिस्सा नहीं हैं। 2013 बैच की अधिकारी का स्वैच्छिक इस्तीफा केंद्र सरकार ने मंजूर कर लिया है। कार्मिक मंत्रालय की ओर से इसकी अधिसूचना जारी होने के बाद 15 सितंबर 2026 से उनका इस्तीफा प्रभावी माना गया है।

दिव्या मित्तल ने 30 अगस्त को इस्तीफा देने की घोषणा की थी। उन्होंने इसके पीछे निजी और पारिवारिक कारणों के साथ जीवन के नए लक्ष्यों को वजह बताया था। करीब 13 साल के प्रशासनिक करियर के बाद अब उन्होंने सरकारी सेवा से अलग होने का फैसला किया है।

मिर्जापुर की DM रहते मिली खास पहचान

दDivya Mittal की पहचान उत्तर प्रदेश में एक सक्रिय और चर्चित अधिकारी के तौर पर रही। वह मेरठ में संयुक्त मजिस्ट्रेट से अपनी प्रशासनिक पारी शुरू करने के बाद गौतमबुद्ध नगर में CDO, कानपुर नगर में यूपीसीडा की संयुक्त प्रबंध निदेशक और बरेली विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष जैसे पदों पर रहीं।

वह संतकबीर नगर, मिर्जापुर और देवरिया की जिलाधिकारी भी रह चुकी हैं। मिर्जापुर में सितंबर 2022 से सितंबर 2023 तक DM रहते हुए लहुरियादह गांव तक पाइपलाइन से पानी पहुंचाने की पहल के कारण उन्हें खास पहचान मिली। इस काम का जिक्र उन्होंने इस्तीफे के वक्त अपने भावुक संदेश में भी किया था।

हालांकि, मई 2026 में उन्हें देवरिया DM के पद से हटाकर लखनऊ में राजस्व विभाग का विशेष सचिव बनाया गया था। इसके कुछ महीने बाद उन्होंने IAS से इस्तीफा दे दिया।

Divya Mittal ने IIT दिल्ली से इंजीनियरिंग और IIM बेंगलुरु से MBA किया। इसके बाद उन्होंने लंदन में नौकरी की, लेकिन बाद में भारत लौटकर UPSC की तैयारी की और प्रशासनिक सेवा में आईं।

उनके पति गगनदीप सिंह ढिल्लों भी सरकारी सेवा में रहे और 2022 में उन्होंने अपनी सेवा से इस्तीफा दे दिया था।

क्या मिर्जापुर से चुनाव लड़ेंगी  Divya Mittal?

दिव्या मित्तल के इस्तीफे के बाद उनके राजनीतिक भविष्य को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है। खास तौर पर मिर्जापुर से विधानसभा चुनाव लड़ने की अटकलें लगाई जा रही हैं। हालांकि, उन्होंने खुद अभी चुनाव लड़ने की कोई घोषणा नहीं की है। इसलिए फिलहाल इसे सिर्फ राजनीतिक चर्चा के तौर पर ही देखा जा रहा है।

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