9 बजे बंद मार्केट बंद, शादियों में सिंगल डिश, सरकारी डिनर बंद, पाकिस्तान में लॉकडाउन जैसे कड़े नियम लागू
Pakistan Fuel Crisis: पाकिस्तान में बढ़ते ईंधन संकट के बीच सरकार ने खर्च और पेट्रोलियम की खपत कम करने के लिए कड़े किफायती कदम लागू कर दिए हैं। इनका असर बाजार से लेकर शादियों, रेस्टोरेंट और सरकारी कामकाज तक दिखाई देगा। कैबिनेट डिवीजन ने गुरुवार को इसकी अधिसूचना जारी की और ज्यादातर उपाय तत्काल प्रभाव से लागू हो गए हैं।
फिलहाल इन उपायों का बड़ा हिस्सा इस्लामाबाद में लागू किया गया है। संघीय सरकार ने राज्यों से भी इसी तरह के कदम अपनाने को कहा है। आधिकारिक वाहनों के ईंधन आवंटन में 50% कटौती और गैर-कर्मचारी खर्च में हर महीने 5% कमी जैसे फैसले भी इसमें शामिल हैं।
आम लोगों और कारोबार पर क्या असर होगा?
नए नियमों के तहत मुख्य बदलाव इस तरह हैं:
- दुकानें, बाजार, मॉल और जनरल स्टोर: रात 9 बजे तक बंद होंगे।
- शादी हॉल, मैरिज टेंट और अन्य आयोजन स्थल: रात 10 बजे तक बंद करने होंगे।
- रेस्टोरेंट, कैफे और फूड आउटलेट: रात 11 बजे तक चल सकेंगे।
- शादी समारोह: सभी शादी से जुड़े कार्यक्रमों में सिर्फ एक डिश परोसने की अनुमति होगी।
- टेकअवे और होम डिलीवरी: इन सेवाओं को बंदी के समय की पाबंदी से छूट दी गई है।
सरकारी खर्च पर भी लगाम
सरकार ने चालू वित्त वर्ष में कर्मचारियों से जुड़े खर्च को छोड़कर अन्य यानी Non-ERE खर्च में हर महीने 5% कटौती का फैसला किया है। यह व्यवस्था विदेशों में स्थित पाकिस्तानी मिशनों और वहां तैनात अधिकारियों पर भी लागू होगी। विकास परियोजनाओं को इस कटौती से बाहर रखा गया है।
सरकारी वाहनों के लिए ईंधन आवंटन में 50% कटौती तीन महीने तक लागू रहेगी। हालांकि सशस्त्र बलों, कानून-व्यवस्था और जरूरी सेवाओं से जुड़े परिचालन वाहनों को छूट दी गई है। सरकारी वाहनों की नई खरीद पर भी रोक लगाई गई है।
सरकारी कर्मचारियों के विदेश दौरों पर भी तीन महीने की रोक लगाई गई है। जरूरी मामलों में अधिकारियों और मंत्रियों को इकोनॉमी क्लास में यात्रा करनी होगी। ये पाबंदियां मंत्रियों, सलाहकारों, राज्य मंत्रियों, प्रधानमंत्री के विशेष सहायकों, सांसदों और सरकारी अधिकारियों तक लागू बताई गई हैं।
सरकारी डिनर, सेमिनार और कॉन्फ्रेंस भी बंद
पाकिस्तान सरकार (Pakistan Government) ने सरकारी डिनर पर भी रोक लगाई है। हालांकि विदेशी प्रतिनिधिमंडलों से जुड़े कार्यक्रमों को इससे छूट दी गई है। सरकारी विभागों को आमने-सामने बैठकें कम करने और जहां संभव हो, टेलीकॉन्फ्रेंसिंग का इस्तेमाल करने को कहा गया है।
सरकारी फंड से होने वाले सेमिनार, ट्रेनिंग और कॉन्फ्रेंस पर भी रोक रहेगी। जरूरी कार्यक्रम होने पर बाहरी स्थानों पर खर्च करने के बजाय सरकारी ऑडिटोरियम या कमिटी रूम इस्तेमाल करने के निर्देश दिए गए हैं।
पाकिस्तान पहले भी मार्च में ईंधन संकट (Pakistan Fuel Crisis) के दौरान ऐसे किफायती कदम उठा चुका है। उस समय सरकारी वाहनों के ईंधन में कटौती, स्कूल बंद करने और कुछ सरकारी कर्मचारियों के लिए वर्क फ्रॉम होम जैसे उपाय किए गए थे। अब मध्य पूर्व में जारी तनाव और ईंधन आपूर्ति पर दबाव के बीच सरकार ने एक बार फिर खर्च घटाने के उपाय लागू किए हैं।
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