अजय राय ने चुनाव आयोग की कार्यशैली पर उठाए सवाल, वाराणसी चुनाव परिणाम की जांच की मांग
Varanasi News: लोकसभा चुनाव के दौरान वाराणसी संसदीय क्षेत्र के संपूर्ण चुनाव नतीजों की स्वतंत्र जांच कराने की मांग की है। अजय राय ने एक प्रमुख मीडिया रिपोर्ट का संदर्भ देते हुए बताया कि बीते 10 महीनों में चुनाव आयोग के दो चुनाव आयुक्तों द्वारा आयोग के फैसलों पर 14 बार लिखित असहमति जताई गई है। कांग्रेस का मानना है कि इस खुलासे ने संस्था की अंदरूनी प्रक्रिया और उसकी निष्पक्षता पर उठ रहे सवालों की पुष्टि कर दी है।
बहुमत के सिद्धांत की अनदेखी का आरोप
अजय राय ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी काफी समय से चुनावी प्रक्रिया पर सत्ता पक्ष के प्रभाव को लेकर आवाज उठाते रहे हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि चुनाव आयोग एक स्वायत्त संवैधानिक निकाय है, लेकिन मुख्य चुनाव आयुक्त द्वारा अन्य सदस्यों की आपत्तियों को दरकिनार कर निर्णय लेना लोकतंत्र के लिए चिंताजनक है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आयोग में सभी तीन आयुक्तों के अधिकार समान हैं और किसी विषय पर मतभेद की स्थिति में अंतिम फैसला बहुमत की राय के आधार पर ही होना चाहिए। किसी एक व्यक्ति के निर्णय को सर्वोपरि मानना संविधान की भावना के खिलाफ है।
चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने का दावा
मतदाता सूचियों का मुद्दा उठाते हुए अजय राय ने कहा कि कांग्रेस फर्जी मतदाताओं के नाम जोड़ने, वैध वोटरों के नाम हटाने और नए आवेदनों के लिए इस्तेमाल होने वाले फॉर्म-6 में अवैध बदलावों के खिलाफ मुखर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा और चुनाव आयोग की कथित साठगांठ के जरिए लोकतांत्रिक व्यवस्था को प्रभावित करने की कोशिश की गई है। अब समय आ गया है कि चुनाव आयोग के पिछले सभी निर्णयों की निष्पक्ष समीक्षा की जाए और वाराणसी चुनाव के नतीजों की स्वतंत्र जांच कराई जाए।

अल्पसंख्यक विभाग की बैठक: पश्चिमी उत्तर प्रदेश में संगठन मजबूती पर मंथन
नई दिल्ली स्थित इंदिरा भवन में यूपी कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग (पश्चिमी जोन) की एक महत्वपूर्ण रणनीतिक एवं समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में प्रदेश कांग्रेस प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम और अल्पसंख्यक विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष इमरान प्रतापगढ़ी मुख्य रूप से उपस्थित रहे। इनके अलावा राज्यसभा सांसद कर्मवीर सिंह बौद्ध, राष्ट्रीय सचिव संजीव आर्या, कुणाल चौधरी समेत कई प्रमुख नेता भी शामिल हुए।
बैठक के दौरान आगामी सांगठनिक कार्यक्रमों, बूथ स्तर पर पार्टी को सशक्त बनाने तथा पश्चिमी यूपी में जनता की समस्याओं को प्रमुखता से उठाने की रणनीति तैयार की गई। नेताओं ने कार्यकर्ताओं में बेहतर समन्वय स्थापित करने और आम जनमानस के साथ निरंतर संवाद बनाए रखने पर जोर दिया।
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