आकृति चौधरी को झटका, नोएडा DM मेधा रूपम को SC से राहत, 5 लाख वेतन कटौती पर रोक
Medha Roopam vs Akriti Chaudhary: नोएडा की जिलाधिकारी मेधा रूपम को छात्रा आकृति चौधरी की NSA हिरासत से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के उस आदेश पर रोक लगा दी है, जिसमें आकृति चौधरी को हिरासत में रखने के मामले में मेधा रूपम की सैलरी से ₹5 लाख मुआवजा वसूलने का निर्देश दिया गया था।
सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा और जस्टिस एनके सिंह की बेंच ने मेधा रूपम (Medha Roopam) की याचिका पर सुनवाई की। अदालत ने हाईकोर्ट के उस फैसले के संचालन पर भी रोक लगाई है, जिसमें आकृति चौधरी (Akriti Chaudhary) की NSA हिरासत रद्द की गई थी।
हाईकोर्ट ने क्या आदेश दिया था?
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सितंबर में आकृति चौधरी की राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत हिरासत रद्द कर दी थी। कोर्ट ने हिरासत आदेश की प्रक्रिया पर कड़ी टिप्पणी करते हुए ₹5 लाख मुआवजा देने का निर्देश दिया था। यह रकम मेधा रूपम समेत जिम्मेदार अधिकारियों की सैलरी से वसूलने को कहा गया था।
हाईकोर्ट के मुताबिक, आकृति चौधरी की हिरासत के लिए इस्तेमाल की गई सामग्री पर्याप्त नहीं थी और आदेश में उचित तरीके से विचार नहीं किया गया था। कोर्ट ने यह भी कहा था कि मौलिक अधिकारों से जुड़े मामलों में NSA जैसी कड़ी कानूनी व्यवस्था का इस्तेमाल सावधानी से किया जाना चाहिए।
सुप्रीम कोर्ट में क्या हुआ?
Medha Roopam ने हाईकोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। सुनवाई के दौरान उनकी ओर से कहा गया कि जिलाधिकारी अकेले निर्णय लेने वाली अधिकारी नहीं होतीं और हिरासत की प्रक्रिया में कई स्तरों पर मंजूरी शामिल होती है। उत्तर प्रदेश सरकार ने भी हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती दी है।
सुप्रीम कोर्ट ने अब हाईकोर्ट के आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी है। मामले में आगे की सुनवाई और अंतिम निर्णय अभी बाकी है।
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