राम मंदिर चढ़ावा चोरी केस में चार्जशीट दाखिल, चंपत राय समेत 3 आरोपी नहीं, बना दिए गए गवाह

Ram Mandir Donation Case: अयोध्या के राम मंदिर चढ़ावा धनराशि प्रकरण में पुलिस ने बुधवार को विशेष न्यायाधीश एंटी करप्शन कोर्ट में 36,039 पन्नों की चार्जशीट दाखिल कर दी। चार्जशीट को चार बक्सों और दो गत्तों में भरकर अदालत पहुंचाया गया। इसमें कुल 133 गवाहों का उल्लेख किया गया है।

चार्जशीट में राम मंदिर ट्रस्ट (Ram Mandir Trust) के पूर्व महासचिव चंपत राय (Champat Rai), ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र (Dr. Anil Mishra) और निर्माण प्रभारी गोपाल राव (Gopal Rao) के खिलाफ कोई आपराधिक संस्तुति नहीं की गई है। पुलिस ने तीनों को मामले में गवाह बनाया है।

चंपत राय और अनिल मिश्र को गवाह बनाने पर आपत्ति

चार्जशीट दाखिल होने की जानकारी मिलते ही कचहरी परिसर में हलचल बढ़ गई। अधिवक्ताओं के एक वर्ग ने पुलिस की विवेचना और कुछ लोगों को आरोपी नहीं बनाए जाने पर आपत्ति जताई। विशेष न्यायाधीश एंटी करप्शन कोर्ट के बाहर अधिवक्ताओं ने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी भी की।

सुरक्षा को देखते हुए कचहरी परिसर में पहले से व्यापक इंतजाम किए गए थे। दो ट्रक पीएसी बल तैनात किया गया था। चार्जशीट दाखिल करते समय विवेचक आशुतोष तिवारी के साथ एसपी सिटी चक्रपाणि त्रिपाठी, सीओ सिटी श्रीयश त्रिपाठी, कोतवाल मनोज शर्मा और राम जन्मभूमि थाना प्रभारी सुमित श्रीवास्तव मौजूद रहे।

36,039 पन्नों में 133 गवाहों का जिक्र

पुलिस ने विवेचना पूरी करने के बाद आरोपपत्र अदालत में पेश किया। इसमें 59 पृष्ठ का मुख्य आरोपपत्र और 101 केस डायरी के परचे भी शामिल हैं। अदालत ने चार्जशीट दाखिल होने के बाद दस्तावेजों का मिलान और परीक्षण शुरू कर दिया है।

प्रकरण में अधिवक्ता संघ की ओर से दाखिल प्रार्थना पत्र का भी निस्तारण कर दिया गया। अदालत के अनुसार विवेचना में शामिल किए जाने को लेकर अधिवक्ताओं की ओर से दिए गए शपथपत्रों के संबंध में कोई साक्ष्य नहीं मिला। अब मामले (Ram Mandir Donation Case) में रिमांड पर अगली सुनवाई 7 अक्टूबर को होगी।

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