खुला घूम रहा किसान की जान लेने वाला सांड, अफसरों की लापरवाही से ग्रामीणों में दहशत
Lucknow News: राजधानी लखनऊ के मलिहाबाद क्षेत्र में प्रशासनिक संवेदनहीनता का एक बड़ा मामला सामने आया है। तीन दिन पूर्व मलिहाबाद की ग्राम पंचायत गढ़ी संजर खां निवासी 65 वर्षीय किसान राजकुमार मौर्य को जिस घुमंतू सांड ने पटक-पटककर मौत के घाट उतार दिया था, वह आज भी गांव और आसपास की गलियों में खुलेआम घूम रहा है। इस घटना के बाद से ही ग्रामीणों में भारी दहशत का माहौल है। ग्रामीणों का आरोप है कि इतने बड़े हादसे के बावजूद न तो तहसील प्रशासन हरकत में आया, न ही नगर पंचायत या पंचायत विभाग के अधिकारियों ने सांड को पकड़वाने की जहमत उठाई।
शाम ढलते ही सड़कों पर मंडराता है खतरा
क्षेत्रवासियों के अनुसार, शाम होते ही सड़कों और गांव की गलियों में दर्जनों छुट्टा मवेशी जमा हो जाते हैं, जिससे रोजाना सड़क दुर्घटनाएं हो रही हैं। सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि जब मलिहाबाद में गोपेश्वर गौशाला समेत दो वृहद गौशालाएं (महदोईया व सहिंजना) और 5 अन्य ग्राम पंचायतों में गौशालाएं संचालित हैं, तो फिर ये मवेशी सड़कों पर क्यों भटक रहे हैं? सरकार प्रति गोवंश चारे के लिए 50 रुपये का बजट भी दे रही है, फिर भी अधिकारियों की अनदेखी से आम जनता की जान जोखिम में पड़ी है।
मुख्यमंत्री का कार्यक्रम है कहकर अधिकारी ने झाड़ लिया पल्ला
ग्रामीण लगातार छुट्टा मवेशियों की शिकायत संबंधित अधिकारियों से कर रहे हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही। जब इस संबंध में प्रभारी खंड विकास अधिकारी (बीडीओ)/सहायक विकास अधिकारी आईएसबी के.के. गौतम से आवारा पशुओं को पकड़वाने के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने ‘मुख्यमंत्री का कार्यक्रम है’ की बात कहकर अपना पल्ला झाड़ लिया। अफसरों का यह गैर-जिम्मेदाराना रवैया किसी और बड़े हादसे को न्योता दे रहा है।
रिपोर्ट- सुरेन्द्र कुमार
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