सतर्कता ही ऑनलाइन फ्रॉड से बचाव का सबसे बड़ा हथियार: राजेश कुमार
Lucknow News: बढ़ते साइबर अपराधों पर नकेल कसने और आम नागरिकों को डिजिटल ठगी से बचाने के लिए उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में एक विशेष सतर्कता जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के आंचलिक कार्यालय में आयोजित इस कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक (SP) राजेश कुमार यादव ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की और वित्तीय सुरक्षा को लेकर कई महत्वपूर्ण बातें साझा कीं।
फिशिंग और यूपीआई फ्रॉड से बचने की अपील
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए एसपी राजेश कुमार यादव ने कहा कि आज के दौर में साइबर अपराधी नित नए तरीकों से लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं। फिशिंग, फर्जी कॉल्स, ओटीपी धोखाधड़ी और यूपीआई फ्रॉड जैसी घटनाओं से बचने के लिए जन-जागरूकता सबसे बड़ा हथियार है। उन्होंने बैंक अधिकारियों और कर्मचारियों से आह्वान किया कि वे अपने ग्राहकों को लगातार जागरूक करते रहें ताकि वित्तीय धोखाधड़ी की घटनाओं पर लगाम लगाई जा सके।
बैंक के मुख्य सतर्कता अधिकारी सुनील कुमार ने स्टाफ सदस्यों के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। उन्होंने बैंक कर्मियों को म्यूल खातों की पहचान करने, केवाईसी औपचारिकताओं का कड़ाई से सत्यापन करने और किसी भी संदिग्ध लेनदेन की तुरंत रिपोर्टिंग करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की थोड़ी सी सजगता से कई बड़े वित्तीय घोटालों को समय रहते टाला जा सकता है।
कार्यक्रम के दौरान उप पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार ने भी साइबर अपराध के बदलते स्वरूपों पर प्रकाश डाला और उनसे निपटने के व्यावहारिक उपाय बताए।
कार्यक्रम की शुरुआत से पहले बैंक के अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा एक सतर्कता जागरूकता रैली निकाली गई, जिसके जरिए आम जनता को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया गया। इस अवसर पर सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के अंचल प्रमुख डीके अर्जवानी सहित बैंक के तमाम वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।
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