CWC की बैठक में राहुल गांधी बोले- PM मोदी खुद करवाएंगे मुख्य चुनाव आयुक्त का इस्तीफा
Sandesh Wahak Digital Desk: नई दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की अध्यक्षता में आयोजित कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) की बैठक के दौरान, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि ज्ञानेश कुमार को अपने पद से हटना ही होगा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद उनका इस्तीफा सुनिश्चित करेंगे। राहुल ने स्पष्ट किया कि जब तक CEC का इस्तीफा नहीं हो जाता, कांग्रेस पार्टी इस मुद्दे पर अपना विरोध प्रदर्शन और आंदोलन जारी रखेगी। इस महत्वपूर्ण बैठक में सोनिया गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, केसी वेणुगोपाल और जयराम रमेश सहित पार्टी के कई दिग्गज नेता मौजूद थे।
राहुल गांधी ने रखे तीन प्रमुख प्रस्ताव
बैठक को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने पार्टी फोरम पर तीन अहम प्रस्ताव पेश किए। इनमें सबसे पहली मांग मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की थी। इसके साथ ही उन्होंने SIR (संभवतः विशेष जांच या किसी विशिष्ट नियम) को रद्द करने की मांग रखी। तीसरे प्रस्ताव में उन्होंने कहा कि इस पूरी स्थिति के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को सीधे तौर पर जिम्मेदारी लेनी चाहिए।
PM मोदी और अमित शाह से मुलाकात का जिक्र
राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के साथ हुई अपनी एक मुलाकात का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि उस मुलाकात के दौरान उनसे कहा गया था कि मौजूदा सरकार भी ठीक वैसा ही काम कर रही है, जैसा पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के कार्यकाल में होता था। राहुल ने दावा किया कि बैठक में यह भी चर्चा हुई कि यदि विपक्ष सत्ता में वापसी करता है, तो राहुल गांधी ही प्रधानमंत्री बनेंगे।
EVM और वोटर लिस्ट में मैच फिक्सिंग के आरोप
हरियाणा, महाराष्ट्र और कर्नाटक चुनावों का संदर्भ देते हुए राहुल गांधी ने वोटर लिस्ट से जुड़ी अपनी पुरानी चिंताओं को फिर से दोहराया। उन्होंने कहा कि शुरुआत में उनकी बातों को गंभीरता से नहीं लिया गया, लेकिन अब प्रस्तुत किए जा रहे तथ्यों के कारण माहौल बदल रहा है। राहुल ने चुनाव प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए दो तरह की ‘मैच फिक्सिंग’ का आरोप लगाया—पहला EVM से जुड़ा और दूसरा मतदाता सूची में जानबूझकर की जा रही गड़बड़ियों से संबंधित।
2019 और 2024 के कानूनों पर उठाए सवाल
राहुल गांधी ने 2019 और 2024 में पारित किए गए कुछ अहम कानूनों पर भी निशाना साधा। उन्होंने याद दिलाया कि 2023 में जब मुख्य चुनाव आयुक्त से संबंधित विधेयक पारित किया जा रहा था, तब विपक्ष के करीब 100 सांसदों को निलंबित कर दिया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार को आने वाले राजनीतिक हालातों का पहले से ही अंदेशा था। केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे का उदाहरण देते हुए राहुल ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे लगातार दबाव बनाए रखें, क्योंकि दबाव से अप्रत्याशित परिणाम भी हासिल किए जा सकते हैं।
रणनीति के मोर्चे पर राहुल गांधी ने प्रस्ताव रखा कि ‘इंडिया’ (INDIA) गठबंधन की अगली बैठक के बाद यह तय किया जाना चाहिए कि विरोध को तेज करने के लिए दिल्ली के रामलीला मैदान में एक विशाल रैली का आयोजन किया जाए या फिर राज्यों के स्तर पर अलग-अलग कार्यक्रम आयोजित किए जाएं।
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