UP चुनाव से पहले ट्रांसफर-पोस्टिंग पर EC सख्त, 3 साल पूरे करने वाले अफसर हटेंगे

UP Assembly Election: उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव से पहले भारत निर्वाचन आयोग ने अधिकारियों के तबादले और तैनाती को लेकर सख्त निर्देश जारी किए हैं। आयोग के आदेश के मुताबिक, चुनाव से सीधे जुड़े निर्धारित श्रेणी के अधिकारी अपने गृह जिले में तैनात नहीं रह सकेंगे। वहीं, एक ही स्थान पर तीन साल का कार्यकाल पूरा कर चुके अधिकारियों का भी तबादला किया जाएगा।

निर्देशों का उद्देश्य चुनाव प्रक्रिया में निष्पक्षता बनाए रखना और अधिकारियों की तैनाती को तय मानकों के अनुरूप करना है। इन नियमों के दायरे में प्रशासनिक और पुलिस विभाग के वे अधिकारी भी आएंगे, जो सीधे चुनावी कामकाज से जुड़े हैं।

डीएम से लेकर इंस्पेक्टर तक, इन अधिकारियों पर लागू होंगे निर्देश

निर्वाचन आयोग के आदेश के अनुसार, जिला निर्वाचन अधिकारी (DEO), रिटर्निंग ऑफिसर (RO), सहायक रिटर्निंग ऑफिसर (ARO) और चुनाव कार्यों में सीधे लगाए गए अन्य अधिकारियों की तैनाती तय मानकों के आधार पर की जाएगी। इसमें डीएम स्तर के अधिकारी, एसडीएम, एडीएम और तहसीलदार भी शामिल हैं।

पुलिस विभाग में इंस्पेक्टर, सब-इंस्पेक्टर और उनसे वरिष्ठ अधिकारियों पर भी ये निर्देश लागू होंगे, बशर्ते वे निर्धारित चुनाव संबंधी मानकों के दायरे में आते हों।

आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि जो अधिकारी पिछले विधानसभा चुनाव या उपचुनाव के दौरान किसी विधानसभा क्षेत्र या जिले में तैनात थे, उन्हें इस बार उसी क्षेत्र या जिले में तैनात नहीं किया जाना चाहिए। यह नियम आदेश में शामिल संबंधित श्रेणियों के अधिकारियों पर लागू होगा।

इसके अलावा, जिन अधिकारियों ने एक ही स्थान पर तीन साल का कार्यकाल पूरा कर लिया है, उन्हें वहां से हटाने के निर्देश दिए गए हैं। आयोग के आदेश में प्रशासनिक अधिकारियों के साथ पुलिस अधिकारियों की तैनाती को भी शामिल किया गया है।

मतदान में लापरवाही पर छह अधिकारी निलंबित, दो बूथों पर दोबारा वोटिंग

निर्वाचन आयोग ने इससे पहले सोमवार को उत्तर प्रदेश विधान परिषद के आगरा मंडल शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में मतदान के दौरान लापरवाही के मामले में छह अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का आदेश दिया था।

आयोग ने मतदान केंद्र संख्या 21 और 26 पर बड़े पैमाने पर गड़बड़ियां सामने आने के बाद यह कदम उठाया। इससे पहले दोनों मतदान केंद्रों पर दोबारा मतदान कराने के निर्देश दिए गए थे।

यह कार्रवाई आगरा मंडल के मंडलायुक्त की 25 अक्टूबर को मिली रिपोर्ट के आधार पर की गई। मंडलायुक्त इस शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के निर्वाचन अधिकारी की जिम्मेदारी भी संभाल रहे हैं।

आयोग के सचिव सुमन कुमार दास ने उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को भेजे निर्देश में कहा कि पर्यवेक्षण की जिम्मेदारी संभाल रहे अधिकारी मतदान केंद्रों के भीतर और आसपास प्रभावी निगरानी रखने तथा उचित नियंत्रण बनाए रखने में नाकाम रहे।

निर्देश में इस लापरवाही पर गंभीर चिंता जताई गई। आयोग ने कहा कि पर्यवेक्षी पदों पर तैनात अधिकारियों की ओर से अपने कर्तव्यों के प्रति इस तरह की लापरवाही को गंभीरता से लिया गया है और इसे किसी भी सूरत में माफ नहीं किया जा सकता।

इस तरह आयोग ने एक ओर आगामी विधानसभा चुनाव से पहले अधिकारियों की तैनाती को लेकर नियम स्पष्ट किए हैं, वहीं दूसरी ओर आगरा मंडल शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में मतदान के दौरान लापरवाही पर निलंबन और पुनर्मतदान के निर्देश देकर जवाबदेही तय करने का कदम उठाया है।

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