लखनऊ ट्रिपल मर्डर केस: ब्रजेश पाठक ने पीड़ित परिवार को नौकरी और सुरक्षा का किया ऐलान, आरोपी के अवैध निर्माण पर चलेगा बुलडोजर
Lucknow Triple Murder Case: लखनऊ में तीन लोगों की हत्या के मामले में उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने पीड़ित परिवार को राहत देने का ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि योगी सरकार मृतक परिवार के एक सदस्य को नौकरी देगी। परिवार की बेटी की पढ़ाई का पूरा खर्च भी सरकार उठाएगी। इसके साथ ही पीड़ित परिवार को आजीवन सुरक्षा दी जाएगी।
ब्रजेश पाठक ने यह भी कहा कि हत्यारोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और उसके अवैध निर्माण पर बुलडोजर चलाया जाएगा। यह वारदात लखनऊ के सआदतगंज इलाके में कार पार्किंग और वट वृक्ष के नीचे चबूतरा बनाने को लेकर हुए विवाद के बाद हुई थी।
कार पार्किंग के विवाद में पिता, बेटे और भाई की हत्या
लखनऊ के सआदतगंज स्थित ब्राह्मणी टोला मोहल्ले में सोमवार सुबह मामूली विवाद ने खूनी रूप ले लिया। यहां राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के लखनऊ पश्चिम के पूर्व जिला सहकार्यवाह शिवाजी तिवारी (62), उनके बेटे सुयश (30) और भाई शिवेंद्र उर्फ शम्भू (55) की गोली मारकर हत्या कर दी गई।
पुलिस ने हत्या के आरोप में पड़ोस में रहने वाले मर्चेंट नेवी कर्मी ऋषभ शुक्ला, उसके पिता दिनेश, गुंडा एक्ट के आरोपी चाचा राजेश और उसकी दो बहनों समेत पांच लोगों को पकड़ा है। दोनों परिवारों के बीच करीब एक महीने से कार खड़ी करने और वट वृक्ष के नीचे चबूतरा बनाने को लेकर विवाद चल रहा था।
घटना के बाद पूरे मोहल्ले में दहशत फैल गई। पुलिस कमिश्नर तरुण गाबा और संयुक्त पुलिस आयुक्त (अपराध) अर्पणा कुमार ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। फोरेंसिक टीम ने मौके से साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने आरोपी ऋषभ के पास से एक अवैध पिस्टल और चार कारतूस बरामद किए हैं।
मंदिर के सामने कार खड़ी करने पर शुरू हुआ विवाद
पुलिस उपायुक्त पश्चिम जितेंद्र श्रीवास्तव के मुताबिक, शिवाजी तिवारी इसी साल जून में शक्तिभवन से स्टेनो के पद से सेवानिवृत्त हुए थे। उनका बेटा सुयश बाजारखाला में इलेक्ट्रॉनिक्स की दुकान चलाता था, जबकि भाई शिवेंद्र उर्फ शम्भू लखनऊ विश्वविद्यालय के न्यू कैंपस में बाबू के पद पर कार्यरत थे।
पुलिस के अनुसार, सोमवार सुबह सुयश की कार घर के पास स्थित शिवाला के सामने खड़ी थी। करीब साढ़े नौ बजे शिवाजी तिवारी रोज की तरह मंदिर में जल चढ़ाने गए थे। मंदिर की सीढ़ियों से उतरते समय पड़ोसी ऋषभ शुक्ला ने उन्हें आवाज देकर बुलाया।
शिवाजी की भतीजी सुमेधा के मुताबिक, ऋषभ ने मंदिर के सामने कार खड़ी करने पर विरोध जताया और उनके चाचा से गाली-गलौज करने लगा। विरोध करने पर वह उन्हें चिढ़ाने लगा। सुमेधा के अनुसार, ऋषभ ने कहा, ‘देखा… वट वृक्ष के नीचे चबूतरा नहीं बनने दिया।’
इसके बाद ऋषभ ने शिवाजी को धक्का दिया और मोबाइल से वीडियो बनाने लगा। शिवाजी के शोर मचाने पर उनके भाई शिवेंद्र भी मौके पर पहुंच गए।
बहनों के इशारे पर घर से आया असलहा, तीनों को मारी गोली
सुमेधा के मुताबिक, ऋषभ ने अपनी बहनों दिव्या और प्रीति को इशारा किया, जिसके बाद घर से असलहा मंगवाया गया। आरोप है कि ऋषभ की बहनों, चाचा राजेश और पिता दिनेश ने लाठी-डंडों से हमला किया, जबकि दिव्या और प्रीति ने पथराव किया। बीच-बचाव करने पहुंची सुमेधा को भी धक्का देकर गिरा दिया गया।
सुमेधा के बयान के मुताबिक, ऋषभ ने पिस्टल तानकर शिवाजी तिवारी को गोली मार दी। शिवेंद्र उन्हें बचाने के लिए दौड़े तो उन्हें भी गोली मार दी गई। गोलियों की आवाज सुनकर घर में सो रहा सुयश बाहर पहुंचा, तो उसे भी गोली मार दी गई।
तीनों खून से लथपथ होकर मौके पर ही गिर पड़े। घटना के बाद पुलिस ने आरोपियों को पकड़ने की कार्रवाई की। अब डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने पीड़ित परिवार के एक सदस्य को नौकरी, बेटी की पढ़ाई का खर्च और आजीवन सुरक्षा देने की घोषणा की है। साथ ही आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई और उसके अवैध निर्माण पर बुलडोजर चलाने की बात कही है।

