सुबह उठते ही आंखों में क्यों जमता है सफेद या पीला चिपचिपा पदार्थ? जानें कारण
Eyes Sticky After Sleep: सुबह नींद खुलते ही अगर पलकों के किनारों पर सफेद या हल्का पीला चिपचिपा पदार्थ जमा दिखाई देता है, तो जरूरी नहीं कि यह किसी बीमारी का संकेत हो। रातभर आंखें बंद रहने के दौरान आंसू, म्यूकस, तेल और आंखों की सतह से निकले छोटे कण पलकों के पास जमा हो सकते हैं। यही वजह है कि सुबह आंखों में हल्की चिपचिपाहट महसूस होती है।
हालांकि, अगर आंखों से बार-बार ज्यादा डिस्चार्ज निकल रहा है, पलकें आपस में चिपक रही हैं या आंखों में लालिमा, खुजली, दर्द और सूजन है, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। कुछ मामलों में ये लक्षण कंजक्टिवाइटिस, एलर्जी या ड्राई आइज यानी आंखों में सूखेपन से जुड़े हो सकते हैं।
सुबह आंखों में चिपचिपा पदार्थ जमा होने की क्या है वजह?
आंखों की सतह पर आंसुओं की एक पतली परत होती है, जिसे टियर फिल्म कहा जाता है। इसमें पानी के साथ तेल और म्यूकस भी शामिल होते हैं। यह परत आंखों को नम रखने, उनकी सतह को चिकना बनाए रखने और बाहरी कणों से बचाने में मदद करती है।
दिन में पलक झपकने से यह परत आंखों पर फैलती रहती है और बाहरी कणों को साफ करने में मदद मिलती है। अमेरिकन एकेडमी ऑफ ऑप्थैलमोलॉजी के अनुसार, सोते समय पलकें बंद रहने के कारण आंखों की सफाई की यह प्रक्रिया दिन की तुलना में कम हो जाती है।
इस दौरान म्यूकस, सूखे आंसू, तेल और दूसरे छोटे कण पलकों के किनारों पर जमा हो सकते हैं। इसलिए सुबह थोड़ी मात्रा में सफेद या हल्का पारदर्शी पदार्थ दिखाई देना सामान्य हो सकता है।
सफेद, पीला या हरा डिस्चार्ज किस समस्या का संकेत है?
आंखों से निकलने वाले पदार्थ का रंग और उसके साथ दिखने वाले दूसरे लक्षण समस्या का कारण समझने में मदद कर सकते हैं। हालांकि, केवल रंग देखकर संक्रमण की पुष्टि नहीं की जा सकती।
सफेद या पारदर्शी डिस्चार्ज: क्लीवलैंड क्लीनिक के अनुसार, हल्का सफेद या पारदर्शी म्यूकस आंखों में सूखेपन या एलर्जी के कारण दिखाई दे सकता है। इसके साथ खुजली और आंखों से पानी आने की परेशानी भी हो सकती है।
पीला या गाढ़ा डिस्चार्ज: एनएचएस के अनुसार, बैक्टीरियल कंजक्टिवाइटिस में आंखों से गाढ़ा या पस जैसा पदार्थ निकल सकता है। इसके कारण रातभर में पलकों के किनारे जमाव हो सकता है और सुबह आंखें खोलने में परेशानी हो सकती है।
हरा डिस्चार्ज: गाढ़े हरे रंग का डिस्चार्ज भी संक्रमण से जुड़ा हो सकता है। हालांकि, केवल रंग के आधार पर यह तय नहीं किया जा सकता कि संक्रमण बैक्टीरिया के कारण हुआ है।
अगर आंखों से लगातार डिस्चार्ज निकल रहा है, आंख लाल है, सूजन है या पलकें खोलने में परेशानी हो रही है, तो आंखों के विशेषज्ञ से जांच करानी चाहिए।
कंजक्टिवाइटिस, एलर्जी और ड्राई आइज भी हो सकते हैं कारण
कंजक्टिवाइटिस: नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इन्फॉर्मेशन (NCBI) के अनुसार, कंजक्टिवाइटिस सुबह आंखों के चिपकने की एक अहम वजह हो सकता है। इसमें आंख के सफेद हिस्से और पलकों की अंदरूनी सतह को ढकने वाली झिल्ली में सूजन आ जाती है। बैक्टीरियल कंजक्टिवाइटिस में गाढ़ा डिस्चार्ज जमा होने से सुबह पलकें चिपकी हुई मिल सकती हैं। इसके साथ लालिमा, जलन और कभी-कभी सूजन भी हो सकती है। कुछ मामलों में आंखों से पानी जैसा डिस्चार्ज भी निकल सकता है।
आंखों में एलर्जी: NCBI के मुताबिक, सुबह आंखों में चिपचिपाहट के साथ तेज खुजली, पानी आना, लालिमा या पलकों में सूजन एलर्जी की ओर इशारा कर सकती है। परागकण (पोलन), धूल, पालतू जानवरों की रूसी, फफूंद और दूसरे एलर्जन के संपर्क में आने पर शरीर का इम्यून सिस्टम प्रतिक्रिया कर सकता है। इससे आंखों में खुजली, पानी और लालिमा जैसे लक्षण दिखाई देते हैं।
ड्राई आइज यानी आंखों में सूखापन: मेयो क्लीनिक के अनुसार, ड्राई आइज का मतलब सिर्फ आंखों में पानी की कमी होना नहीं है। इस स्थिति में आंसुओं की परत की गुणवत्ता और स्थिरता भी प्रभावित हो सकती है। जब आंखों की सतह को पर्याप्त नमी और चिकनाई नहीं मिलती, तो जलन और असहजता बढ़ सकती है। कुछ लोगों को इसी वजह से सुबह आंखों में चिपचिपापन महसूस होता है।
किन लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए?
सुबह आंखों में थोड़ी मात्रा में चिपचिपा पदार्थ जमा होना सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा हो सकता है। लेकिन अगर डिस्चार्ज ज्यादा हो या बार-बार बनने लगे, तो इसकी वजह जानना जरूरी है।
खास तौर पर आंखों में लालिमा, तेज खुजली, दर्द, सूजन, लगातार पानी आना या देखने में परेशानी होने पर डॉक्टर से सलाह लें। केवल डिस्चार्ज के रंग के आधार पर खुद से बीमारी तय न करें। सही कारण जानने के लिए आंखों की जांच जरूरी हो सकती है।

