एमएलसी चुनाव नतीजों पर बोले ओपी राजभर, पढ़े-लिखे लोगों ने वोट दिया है, आम जनता ने नहीं
Lucknow News: उत्तर प्रदेश विधान परिषद (MLC) की 11 सीटों पर हुए चुनाव के नतीजे घोषित कर दिए गए हैं। इन परिणामों में भारतीय जनता पार्टी ने 6 सीटों पर जीत दर्ज की है, जबकि मुख्य विपक्षी दल समाजवादी पार्टी ने 5 सीटों पर परचम लहराया है। इस बार के चुनाव में समाजवादी पार्टी का प्रदर्शन बेहद प्रभावी रहा, जिससे सदन में उसकी दो सीटें बढ़ गई हैं। दूसरी ओर, चुनाव नतीजों के बाद एनडीए सहयोगी और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर के एक बयान ने नया राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है।
एमएलसी चुनाव में सपा की बढ़त
विधान परिषद की इन 11 सीटों के पिछले समीकरण देखें तो पहले 6 सीटों पर सीधे बीजेपी का कब्जा था और 1 निर्दलीय उम्मीदवार को बीजेपी का समर्थन प्राप्त था। इस तरह बीजेपी के पास कुल 7 सीटें थीं, जो अब घटकर 6 रह गई हैं। वहीं, समाजवादी पार्टी की सीटें 3 से बढ़कर 5 हो गई हैं। पहले चुनाव जीतने वाले दो निर्दलीय उम्मीदवारों का इस बार खाता भी नहीं खुल सका और दोनों सीटें राजनीतिक दलों के खाते में चली गईं। सपा के लिए सबसे बड़ी राहत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी से आई, जहां दोनों एमएलसी सीटों पर सपा प्रत्याशियों ने परचम लहराया।
राजभर के बयान पर उठे तीखे सवाल
चुनावी नतीजों पर प्रतिक्रिया देते हुए यूपी के पंचायती राज मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने कहा, यह पढ़े-लिखे लोगों का जनादेश है और हम इसका स्वागत करते हैं। लेकिन जब मीडिया ने वाराणसी में सपा की बड़ी जीत पर सवाल किया, तो राजभर ने अजीबोगरीब तर्क देते हुए कहा, ये पढ़े-लिखे लोगों ने वोट दिया है। पढ़े-लिखे लोगों का वोट है, आम जनता का वोट नहीं है।
राजभर के इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों और सोशल मीडिया पर तीखी चर्चा शुरू हो गई है। सवाल उठाए जा रहे हैं कि क्या पढ़े-लिखे नागरिक आम जनता का हिस्सा नहीं होते? क्या राजभर के मुताबिक केवल अनपढ़ लोग ही आम जनता हैं? इस बयान के बाद यह बहस भी छिड़ गई है कि क्या राज्य का शिक्षित वर्ग अब समाजवादी पार्टी की ओर आकर्षित हो रहा है।
Also Read: UP में ब्लड बैंकों पर FSDA की बड़ी कार्रवाई, 7 ब्लड सेंटरों के कामकाज पर रोक

