CJP के बाद अब किसानों का दिल्ली कूच, शंभू बॉर्डर सील, हाईवे बंद, भारी पुलिस बल तैनात
Kisan Andolan: दिल्ली इस समय लगातार विरोध प्रदर्शनों का केंद्र बनी हुई है। एक ओर CJP का शिक्षा, पेपर लीक और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर आंदोलन जारी है, वहीं अब भारत-अमेरिका ट्रेड डील के विरोध में किसानों ने भी दिल्ली कूच का ऐलान कर दिया है। इसी के चलते राजधानी की सीमाओं पर सुरक्षा व्यवस्था और सख्त कर दी गई है।
किसानों के प्रस्तावित मार्च को देखते हुए हरियाणा पुलिस ने पंजाब-हरियाणा के शंभू बॉर्डर को पूरी तरह सील कर दिया है। राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-44) पर बैरिकेडिंग कर आवाजाही रोक दी गई है और लोगों को वैकल्पिक मार्ग अपनाने की सलाह दी गई है।
दिल्ली कूच से पहले शंभू बॉर्डर पर सख्ती
किसानों ने मंगलवार को दिल्ली स्थित किसान घाट पहुंचने का आह्वान किया था। इसके मद्देनज़र हरियाणा पुलिस ने सोमवार रात से ही सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी। घग्घर पुल पर कई स्तर की बैरिकेडिंग की गई और बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया।
उधर, पंजाब के अलग-अलग इलाकों से किसान मंगलवार सुबह काफिलों के साथ दिल्ली के लिए रवाना हुए, लेकिन उन्हें शंभू बॉर्डर पर ही रोक दिया गया।
पंधेर बोले- दिल्ली क्यों नहीं जाने दे रहे?
भारत-अमेरिका ट्रेड डील के विरोध में हो रहे इस Kisan Andolan से पहले हरियाणा पुलिस ने कई किसान नेताओं को हिरासत में भी लिया है। इस बीच किसान नेता सरवन सिंह पंधेर ने कहा कि किसान शांतिपूर्ण तरीके से दिल्ली जाना चाहते हैं और टकराव नहीं चाहते। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर किसानों को दिल्ली जाने से क्यों रोका जा रहा है।
पंधेर ने कहा कि पंजाब भी देश का हिस्सा है और किसानों को अपनी बात रखने का लोकतांत्रिक अधिकार मिलना चाहिए।
एम्बुलेंस तक लौटानी पड़ी, लोगों को हो रही परेशानी
शंभू बॉर्डर पूरी तरह बंद होने का असर आम लोगों पर भी दिख रहा है। रास्ता बंद होने की वजह से डायलिसिस मरीज को ले जा रही एम्बुलेंस समेत अन्य वाहन भी वापस लौटने को मजबूर हुए। स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्हें पहले से रास्ता बंद होने की स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई।
प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे दिल्ली या हरियाणा की ओर जाने के लिए फिलहाल वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल करें। Kisan Andolan और दिल्ली में पहले से जारी CJP प्रदर्शन को देखते हुए आने वाले दिनों में सुरक्षा व्यवस्था और सख्त रहने की संभावना है।
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