शिक्षक दिवस पर पीएम मोदी ने राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार विजेताओं से की बात, दी शुभकामनाएं

Sandesh Wahak Digital Desk: शिक्षक दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित शिक्षकों से खास बातचीत की। संवाद के दौरान पीएम मोदी ने बच्चों के बेहतर भविष्य के निर्माण और उनकी क्षमताओं को निखारने पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने शिक्षकों से कहा कि हो सकता है कोई बच्चा पढ़ाई में थोड़ा कमजोर हो, लेकिन ईश्वर ने हर बच्चे को कोई न कोई विशेष हुनर जरूर दिया है। शिक्षकों का दायित्व है कि वे उस छिपे हुए टैलेंट को पहचानें। इस पर शिक्षकों ने भी सहमति व्यक्त करते हुए बताया कि वे कक्षा के प्रत्येक बच्चे की व्यक्तिगत खूबियों और चुनौतियों की पहचान कर उन्हें तराशने का प्रयास करते हैं।

ब्रेस्ट कैंसर जागरूकता पर बोले पीएम

बातचीत के दौरान एक शिक्षिका ने महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर और हाइजीन के प्रति जागरूकता पर अपने शोध व प्रयासों की जानकारी दी। इस पर प्रधानमंत्री ने अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी (काशी) का अनुभव साझा करते हुए बताया कि वहां चलाए गए जागरूकता अभियान के बाद अब महिलाएं स्वयं आगे आकर अपनी जांच करा रही हैं। उन्होंने बताया कि पहले इस विषय पर बात करने में हिचक थी, लेकिन काशी में एक ही दिन में रिकॉर्ड संख्या में महिलाओं की जांच कर ‘गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड’ दर्ज किया गया था।

स्क्रीन टाइम के एडिक्शन से निपटने को खेलों और क्रिएटिविटी से जोड़ें

स्मार्टफोन और डिजिटल डिवाइसेज के बढ़ते उपयोग पर चिंता जताते हुए पीएम मोदी ने कहा कि आज बच्चों के लिए स्क्रीन टाइम एक तरह का नशा (एडिक्शन) बनता जा रहा है। इससे बच्चों को बाहर निकालने के लिए उन्हें मैदानी खेलों और रचनात्मक गतिविधियों की ओर प्रेरित करना बेहद जरूरी है। उन्होंने शिक्षकों को सलाह दी कि वे स्कूल में ऐसी क्रिएटिव गतिविधियों को बच्चों की आदत का हिस्सा बनाएं, ताकि उनका ध्यान स्क्रीन से हटकर खेल और कला की ओर लग सके।

किताबों से बाहर निकलकर बच्चों के जीवन में उतरें

प्रधानमंत्री ने पूरे शिक्षा जगत को संदेश देते हुए कहा कि अब केवल किताबों और सिलेबस तक सीमित रहने का समय नहीं है। शिक्षकों को बच्चों के व्यक्तिगत जीवन में उतरकर उन्हें समझना होगा। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि किसी भी सूरत में बच्चे के भीतर का बचपन मरना नहीं चाहिए और इस बचपन को जिंदा रखने का सबसे बड़ा दायित्व एक शिक्षक का ही होता है। अंत में पीएम मोदी ने सभी पुरस्कृत शिक्षकों को बधाई और शुभकामनाएं दीं।

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