Hormuz में जहाजों पर हमले के बाद अमेरिका का पलटवार, ईरान पर फिर से किया एयरस्ट्राइक
US Iran War: मिडिल ईस्ट में एक बार फिर तनाव चरम पर पहुंच गया है। Strait of Hormuz में तीन व्यापारिक जहाजों को निशाना बनाए जाने के कुछ ही घंटों बाद अमेरिका ने बुधवार तड़के ईरान पर बड़े पैमाने पर एयरस्ट्राइक की। अंतरिम युद्धविराम और शांति वार्ता के बीच हुई इस सैन्य कार्रवाई ने क्षेत्र में हालात फिर से गंभीर बना दिए हैं।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने बयान जारी कर कहा कि यह कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्ग में नागरिक व्यापारिक जहाजों को निशाना बनाने के जवाब में की गई है। अमेरिका के मुताबिक, ईरान को ऐसे हमलों की “भारी कीमत” चुकानी होगी।
अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, हमलों में ईरान के एयर डिफेंस सिस्टम, एंटी-शिप क्रूज मिसाइल ठिकानों, ड्रोन लॉन्च साइट्स, तटीय निगरानी प्रणालियों, जमीन से हवा में मार करने वाली मिसाइलों और कुछ बंदरगाहों को निशाना बनाया गया।
कई घंटे तक चल सकता है ऑपरेशन
अमेरिकी अधिकारियों ने बताया कि यह सैन्य अभियान कई घंटों तक जारी रह सकता है। दावा किया गया कि जून के अंत में हुई कार्रवाई की तुलना में इस बार करीब आठ गुना अधिक सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि ईरान की ओर से लगातार चेतावनियों की अनदेखी किए जाने के बाद अमेरिका ने दबाव बढ़ाने का फैसला लिया है।
ईरान के कई शहरों में धमाकों की आवाज
ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार क़ेश्म (Qeshm), बंदर अब्बास (Bandar Abbas) और सीरिक (Sirik) में जोरदार धमाकों की आवाजें सुनी गईं। हालांकि, इन हमलों में हुए नुकसान या हताहतों को लेकर अभी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
शांति वार्ता पर फिर मंडराया संकट
यह सैन्य कार्रवाई ऐसे समय हुई है जब दोनों देशों के बीच युद्ध खत्म करने, Hormuz Strait को पूरी तरह खोलने और ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर बातचीत जारी थी। इस बीच ईरान के उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अमेरिका के हमलों को अंतरिम समझौते का उल्लंघन बताते हुए इसकी कड़ी आलोचना की।
विशेषज्ञों का मानना है कि ताजा घटनाक्रम के बाद मिडिल ईस्ट में हालात फिर से बिगड़ सकते हैं और क्षेत्रीय तनाव बढ़ने की आशंका है।
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