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साहित्य

हिंदी भाषा में बहुत मिठास है, इसलिए लिखता हूं: अशांत बाराबंकवी

अशांत को नाटक लिखना बेहद पसंद है। वे कहते हैं कि सन 1985 में नाटक लेखन की शुरुआत की। चूंकि नाटक में काव्य भी है, गद्य भी है और यह…

एक ‘कवि’ ऐसा भी: पत्नी को सम्मान देने के लिए बदल लिया खुद का…

देश समेत यूपी व एमपी के शहरों के नाम बदलने के शोर के बीच आपको एक ऐसे कवि से मिलवाते हैं जिन्होंने अपना नाम बदला है।