Ayodhya News: श्रीराम मंदिर में चढ़ावा गबन मामले में 8 आरोपियों पर चार्जशीट दाखिल, 133 गवाह बने आधार
Ayodhya News: श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के चढ़ावे की राशि में कथित हेराफेरी और गबन के बहुचर्चित मामले में पुलिस ने जांच पूरी कर अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी है। क्षेत्राधिकारी आशुतोष तिवारी ने श्रीराम जन्मभूमि थाने में दर्ज मुकदमा संख्या 90/2026 की विवेचना के बाद 22/23 सितंबर को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत में 8 आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र पेश किया। इस मामले में पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की गंभीर धाराओं और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई की है।
CCTV फुटेज और डिजिटल साक्ष्यों से बेनकाब हुआ नेटवर्क
पुलिस रिपोर्ट के मुताबिक, मंदिर के गणना कक्ष में लगे सीसीटीवी फुटेज में मुख्य आरोपी अविनाश शुक्ला उर्फ शनि 85 बार चढ़ावे की रकम को कपड़ों और कमर में छिपाकर हटाते हुए कैद हुआ है। इसके अलावा करुणेश पाण्डेय, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव और रमाशंकर मिश्रा पर भी दर्जनों बार रकम गायब करने और एक-दूसरे का सहयोग करने का आरोप है। विवेचना में तत्कालीन गणना कक्ष प्रभारी व सेवानिवृत्त बैंककर्मी सुभाष श्रीवास्तव की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए हैं, जिन्होंने कथित तौर पर सुरक्षाकर्मियों को जांच करने से रोका था।
बाथरूम में छिपाए थे 2.25 लाख
गबन का खुलासा 4 जून 2026 की रात को हुआ, जब चेकिंग के डर से आरोपियों ने 2.25 लाख रुपये की नोटों की गड्डियां बाथरूम में छिपा दी थीं। गणना कर्मी आनंद कुमार चौधरी ने इसका वीडियो बनाकर ट्रस्ट के महासचिव चम्पत राय को भेजा था। 5 जून को कारसेवकपुरम में सीसीटीवी फुटेज की विस्तृत जांच के बाद मामला उजागर हुआ और 25 जून को एफआईआर दर्ज कराई गई। पुलिस ने दबिश देकर आरोपियों के पास से लाखों रुपये की नकदी, 1,121 अमेरिकी डॉलर और सोने-चांदी के आभूषण बरामद किए हैं।
चार्जशीट में खुलासा किया गया है कि गबन की रकम का इस्तेमाल चल-अचल संपत्तियां बनाने में किया गया। आरोपी अनुकल्प मिश्रा के परिजनों के नाम करीब 55 लाख रुपये का मकान खरीदा गया और 7.33 लाख रुपये भागवत कथा के आयोजन में खर्च किए गए। इसी तरह लवकुश मिश्रा ने पत्नी के नाम जमीन और मकान निर्माण पर 43 लाख से अधिक खर्च किए, जबकि रमाशंकर मिश्रा ने 12 लाख का प्लॉट व महंगे कैमरे खरीदे। पुलिस ने इस मामले में विटारा ब्रेजा, अर्टिगा, डिजायर और बुलेट मोटरसाइकिल भी जब्त की हैं।
मामले को मजबूत बनाने के लिए पुलिस ने ट्रस्ट के महासचिव चम्पत राय, ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा, बैंककर्मियों और फॉरेंसिक ऑडिटरों समेत कुल 133 लोगों को गवाह बनाया है। मोबाइल चैट, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और बैंकिंग ट्रांजैक्शन से आरोपियों के आपसी साठगांठ की पुष्टि हुई है। वर्तमान में अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, करुणेश पाण्डेय, रमाशंकर मिश्रा, मनीष यादव, रामशंकर यादव और सुभाष श्रीवास्तव समेत सभी 8 आरोपी न्यायिक हिरासत में जेल में बंद हैं।
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