CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे पर अड़ी कांग्रेस, देशभर में उग्र प्रदर्शन

Sandesh Wahak Digital Desk: मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर देश का राजनीतिक माहौल गरमा गया है। शुक्रवार को कांग्रेस पार्टी ने दिल्ली, पटना, देहरादून, चंडीगढ़ और गुवाहाटी सहित देश के प्रमुख शहरों में चुनाव आयोग के खिलाफ व्यापक विरोध प्रदर्शन किया। पटना में उग्र प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस को वाटर कैनन का सहारा लेना पड़ा, जबकि देहरादून में कार्यकर्ता बैरिकेड्स पर चढ़ गए। मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) और आयोग की आंतरिक कार्यप्रणाली को लेकर कांग्रेस आक्रामक रुख अपनाए हुए है।

आयोग के भीतर मतभेद की खबरें आईं सामने

विवाद का मुख्य कारण सामने आई वह रिपोर्ट है, जिसमें दावा किया गया है कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में आयोग के विभिन्न आदेशों पर कम से कम 14 बार औपचारिक असहमति दर्ज कराई है। यह आपत्तियां मुख्य रूप से SIR, नए मतदाताओं के पंजीकरण नियमों, वोटर डेटा और संबंधित सॉफ्टवेयर में किए गए बदलावों से जुड़ी हैं। हालांकि, चुनाव आयोग का आधिकारिक पक्ष है कि सभी निर्णय सर्वसम्मति से ही लिए जा रहे हैं।

कांग्रेस के अलावा कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने भी मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। CJP ने CEC को पद छोड़ने के लिए 48 घंटे का समय दिया है और चेतावनी दी है कि इस्तीफा न मिलने की स्थिति में 2 अक्टूबर से ‘इलेक्शन कमीशन ठीक करो’ नाम से राष्ट्रव्यापी आंदोलन शुरू किया जाएगा।

मामला सुप्रीम कोर्ट और बॉम्बे हाईकोर्ट पहुंचा

SIR की संवैधानिक वैधता और प्रक्रियात्मक खामियों को लेकर अब न्यायपालिका का दरवाजा भी खटखटाया गया है। शीर्ष अदालत में दायर याचिका में मतदाता सूची से कथित तौर पर बड़े पैमाने पर हटाए गए नामों की निष्पक्ष जांच और नए सॉफ्टवेयर बदलावों पर सवाल उठाए गए हैं। वहीं, महाराष्ट्र में लागू होने वाले SIR के खिलाफ बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिकाएं दर्ज कर चुनाव आयुक्तों की आपत्तियों को सार्वजनिक करने और विवादित आदेशों को रद्द करने की मांग की गई है।

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