ज्ञानेश कुमार के खिलाफ दीपके का नया कदम, CJP ने शुरू किया ऑनलाइन सिग्नेचर कैंपेन
CEC Controversy: मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार (Gyanesh Kumar) के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने ऑनलाइन हस्ताक्षर अभियान शुरू किया है। पार्टी के संयोजक अभिजीत दीपके (Abhijeet Dipke) ने लोगों से इस अभियान में शामिल होने की अपील की है। दीपके ने CJP की पोस्ट शेयर करते हुए अपने ‘एक्स’ (X) अकाउंट पर लिखा, “कॉकरोचों, इकट्ठा हो जाओ।” खबर लिखे जाने तक ऑनलाइन याचिका पर 10 हजार से ज्यादा हस्ताक्षर हो चुके थे।
CJP की इस याचिका में चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता की मांग की गई है। पार्टी ने ज्ञानेश कुमार से 48 घंटे के भीतर इस्तीफा देने की मांग रखी है। इसके साथ ही आपराधिक कार्रवाई शुरू करने, आगामी चुनावों पर रोक लगाने, विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) पर रोक लगाने और जनवरी 2025 की वोटर लिस्ट लागू करने की मांग की गई है।
याचिका में SIR को लेकर क्या कहा गया?
याचिका में SIR से जुड़े फैसलों की परिस्थितियों की जांच के लिए एक स्वतंत्र जांच आयोग बनाने की मांग भी की गई है। इसमें एक मीडिया रिपोर्ट का हवाला दिया गया है, जिसमें चुनाव आयोग के भीतर SIR से जुड़े फैसलों को लेकर दो चुनाव आयुक्तों की आपत्तियों का जिक्र है।
द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में कम से कम 14 बार औपचारिक आपत्तियां दर्ज की थीं। ये आपत्तियां नए मतदाताओं के पंजीकरण, नाम हटाने और बहाल करने, वोटर डेटा तथा चुनावी सॉफ्टवेयर से जुड़े मामलों पर थीं।
हालांकि, चुनाव आयोग ने इन रिपोर्टों में बताए गए मतभेदों की व्याख्या को खारिज करते हुए कहा है कि SIR समेत आयोग के फैसले सर्वसम्मति से लिए गए थे।
अभिजीत दीपके ने लगाए गंभीर आरोप
CJP ने गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर ज्ञानेश कुमार (Gyanesh Kumar) के इस्तीफे की मांग दोहराई। अभिजीत दीपके (Abhijeet Dipke) ने दावा किया कि ज्ञानेश कुमार के चुनाव आयुक्त बनने के बाद बीजेपी का कई राज्यों में वोट शेयर बढ़ा। उन्होंने ज्ञानेश कुमार पर बीजेपी के लिए काम करने का आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें बीजेपी ज्वाइन कर लेनी चाहिए।
दीपके ने विपक्षी दलों से चुनावों में हिस्सा नहीं लेने की भी अपील की। उनका कहना था कि अगर राजनीतिक दलों को चुनावी प्रक्रिया में धांधली का संदेह है तो उन्हें चुनाव लड़ने और बाद में उसी प्रक्रिया पर सवाल उठाने के बजाय अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। उन्होंने ज्ञानेश कुमार को “भारतीय लोकतंत्र के लिए सबसे बड़ा खतरा” बताया और मतदान के अधिकार को लेकर भी सवाल उठाए।
CJP ने 48 घंटे में मांगें नहीं माने जाने पर राष्ट्रव्यापी आंदोलन और ‘जंतर-मंतर 2.0’ की चेतावनी भी दी है।
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