लखनऊ में सपा दफ्तर के बाहर लगी 27 में कृष्ण आएंगे की होर्डिंग
Lucknow News: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले लखनऊ में राजनीतिक दलों के दफ्तरों के बाहर होर्डिंग्स के जरिए सियासी संदेश देने की होड़ तेज हो गई है। इसी क्रम में गुरुवार को समाजवादी पार्टी के प्रांतीय कार्यालय के बाहर एक नई विवादित और चर्चा में रहने वाली होर्डिंग लगाई गई है। इस होर्डिंग पर बड़े-बड़े अक्षरों में 27 में कृष्ण आएंगे लिखा हुआ है। होर्डिंग में एक तरफ सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की तस्वीर है, तो दूसरी तरफ बांसुरी बजाते हुए भगवान श्रीकृष्ण का भव्य स्वरूप दर्शाया गया है।
यह होर्डिंग सपा नेता मोहम्मद अजीम द्वारा लगवाई गई है। उन्होंने बागेश्वर धाम के कथावाचक पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री द्वारा भगवान श्रीकृष्ण पर दिए गए हालिया बयान का विरोध जताया है। अजीम ने आरोप लगाया कि कथावाचक ने सार्वजनिक मंच से भगवान श्रीकृष्ण की त्रिभंगी मुद्रा, उनके नाम और बांसुरी वादन की शैली पर अमर्यादित टिप्पणी की है। उन्होंने भगवान श्रीराम और श्रीकृष्ण के बीच अनुचित तुलना कर करोड़ों सनातन धर्मियों और कृष्ण भक्तों की आस्था को ठेस पहुँचाई है, जिसको लेकर उन्होंने पुलिस में तत्काल प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर कठोर कार्रवाई की मांग की है।
श्रीराम और श्रीकृष्ण दोनों ही सर्वोच्च आराध्य
सपा नेता मोहम्मद अजीम ने स्पष्ट किया कि सनातन परंपरा में भगवान श्रीराम और भगवान श्रीकृष्ण दोनों ही समान रूप से पूज्य हैं। भगवान श्रीकृष्ण न्याय, धर्म और कूटनीति के शाश्वत प्रतीक हैं। किसी एक भगवान के स्वरूप का बखान करने की आड़ में दूसरे भगवान की लीलाओं या मुद्रा का उपहास उड़ाना सर्वथा अनुचित है। उन्होंने कहा कि धार्मिक मंचों का प्रयोग समाज में समरसता फैलाने के लिए होना चाहिए, न कि देवी-देवताओं पर आपत्तिजनक टिप्पणी करके विवाद उत्पन्न करने के लिए।

