कानपुर में नकली रेबीज वैक्सीन का खुलासा, बिलों की जांच में सामने आया बड़ा फर्जीवाड़ा
Kanpur News: कानपुर में नकली एंटी रेबीज वैक्सीन (ARV) मामले की जांच में बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। दिल्ली में पकड़ी गई नकली वैक्सीन कानपुर से भेजे जाने की पुष्टि के बाद अब न्यू आरजे एजेंसी और एलेक्जर क्योर एजेंसी के बिलों में भी गड़बड़ी मिली है। जांच में सामने आया कि एक ही बिल पर दोनों एजेंसियों ने अलग-अलग दवाओं की खरीद-बिक्री दर्ज की है।
शनिवार को ड्रग इंस्पेक्टर ओमपाल सिंह और देवयानी दुबे ने बिरहाना रोड स्थित बलजीत कौर पत्नी राजेंद्र सिंह की न्यू आरजे एजेंसी और एक्सप्रेस रोड स्थित तरनदीप सिंह की एलेक्जर क्योर एजेंसी में जांच की। कई घंटे तक दोनों एजेंसियों के बिलों और रिकॉर्ड की पड़ताल की गई।
बिल में दिखी हेराफेरी
जांच में पाया गया कि न्यू आरजे एजेंसी ने जिस बिल के आधार पर एलेक्जर क्योर से एंटी रेबीज वैक्सीन खरीदना दिखाया, उसी बिल पर एलेक्जर क्योर ने न्यू आरजे को दूसरी वैक्सीन बेचना दर्ज किया है। यानी संबंधित बिल पर एंटी रेबीज वैक्सीन की बिक्री दर्ज नहीं है। ड्रग विभाग ने इसे गंभीर अनियमितता माना है।
देर शाम जांच के बाद ड्रग इंस्पेक्टरों ने दोनों एजेंसी मालिकों के खिलाफ कलक्टरगंज थाने में तहरीर दी। थाना प्रभारी ने बताया कि तहरीर मिली है और जांच के बाद कार्रवाई होगी। एडीएम सिटी सौरभ सिंह ने कहा कि दोनों एजेंसियों की भूमिका संदिग्ध मिली है और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होगी।
आगरा भेजी गई करीब 500 वैक्सीन का पता नहीं
जांच में यह भी सामने आया कि नकली बैच की वैक्सीन आगरा भेजी गई थी। आगरा की फर्म ने वैक्सीन लेने से इनकार करते हुए उसे तत्काल वापस करने की बात कही है। फर्म के मुताबिक ट्रांसपोर्ट से माल उठवाया ही नहीं गया। इसके बावजूद वैक्सीन न्यू आरजे एजेंसी के पास वापस नहीं पहुंची। ड्रग विभाग करीब 500 वैक्सीन की तलाश कर रहा है, जिसे सीज किया जाना है।
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