दिल्ली ब्लास्ट की प्रैंक कॉल करना पड़ा भारी, कानपुर से दो भाइयों को ATS ने पकड़ा
Kanpur News: दिल्ली में UPSC की तैयारी कर रहे छात्र को बम धमाके के लिए चुने जाने की बात कहकर डराया गया था। दिल्ली पुलिस से मिले इनपुट के बाद यूपी ATS ने कार्रवाई कर दोनों युवकों को गिरफ्तार किया।
कानपुर में दिल्ली बम ब्लास्ट को लेकर प्रैंक कॉल करना दो भाइयों को भारी पड़ गया। उत्तर प्रदेश एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (ATS) ने दोनों को गिरफ्तार किया है। शुरुआती जांच के मुताबिक, इनमें से एक युवक ने दिल्ली में रहकर UPSC की तैयारी कर रहे अपने दोस्त रोहित को फोन कर धमकी भरे अंदाज में मजाक किया था। कॉल से घबराए रोहित ने तुरंत पुलिस को सूचना दे दी। इसके बाद दिल्ली पुलिस ने उत्तर प्रदेश पुलिस से संपर्क किया और मामले की जानकारी साझा की।
जियो फाइबर कनेक्शन से की गई थी कॉल
पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल के मुताबिक, कुछ दिन पहले दिल्ली पुलिस से सूचना मिली थी कि दिल्ली में UPSC की तैयारी कर रहे छात्र रोहित को फोन किया गया है। कॉल करने वाले ने उससे कहा था कि उसे दिल्ली में बम धमाका करने के लिए एक संगठन ने चुना है।
पुलिस के अनुसार, कॉल कानपुर के काकादेव क्षेत्र में लगे जियो फाइबर कनेक्शन से जुड़े नंबर से की गई थी। दिल्ली पुलिस से इनपुट मिलने के बाद यूपी पुलिस सक्रिय हुई। इसके बाद ATS ने कानपुर पुलिस की मदद से जांच और कार्रवाई शुरू की।
जांच में सामने आया कि अक्षत वर्मा ने अपने वाई-फाई कनेक्शन का इस्तेमाल किया, जबकि सूरज वर्मा ने रोहित को फोन किया था। कॉल पर कथित तौर पर कहा गया, “तुम्हें बम ब्लास्ट के लिए जन्नत ए फ़िरदौस ने चुना है।” इस कॉल के बाद रोहित डर गया और उसने पुलिस को पूरी जानकारी दे दी।
अक्षत वर्मा और सूरज वर्मा गिरफ्तार, ATS कर रही पूछताछ
यूपी ATS ने अक्षत वर्मा को तुलसी नगर, काकादेव और सूरज वर्मा को दिबियापुर का रहने वाला बताया है। दोनों को गिरफ्तार कर पूछताछ की जा रही है। पुलिस के मुताबिक, दिल्ली पुलिस से मिली जानकारी के आधार पर कानपुर में कार्रवाई की गई।
इसी मामले के घटनाक्रम में घाटमपुर से अंकित शंखवार को भी ATS द्वारा पकड़े जाने की जानकारी सामने आई है। आरोप है कि अंकित ने उत्तर प्रदेश और नोएडा के स्कूलों में बम धमाके करने, पंजाबी गायक दिलजीत दोसांझ के कार्यक्रम में विस्फोट करने और एक बॉलीवुड अभिनेता की हत्या करने की धमकी वाले ईमेल भेजे थे।
जांच में यह भी पता चलने की बात कही गई है कि अंकित बड़े पैमाने पर फर्जी आईडी पाकिस्तान और बांग्लादेश में बेचता था और इसके बदले क्रिप्टोकरेंसी में भुगतान लेता था। ATS इस मामले में उससे पूछताछ कर रही है।
फिलहाल, दोनों भाइयों की गिरफ्तारी और धमकी भरे ईमेल से जुड़े मामले की जांच जारी है। प्रैंक कॉल के पीछे की पूरी वजह और अन्य संभावित कड़ियों को लेकर जांच एजेंसियों की ओर से आगे की जानकारी सामने आना बाकी है।

