आकाश आनंद पर फैले भ्रम को Mayawati ने किया खत्म, बोलीं- ‘BSP में टिकट मैं ही फाइनल करती हूं’

UP Poltics: बहुजन समाज पार्टी (BSP) प्रमुख मायावती (Mayawati) ने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 (UP Assembly Election 2027) की तैयारियों के बीच उम्मीदवारों के चयन को लेकर बड़ा संदेश दिया है।

उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि पार्टी में टिकट (BSP Ticket) देने और उम्मीदवारों को अंतिम मंजूरी देने का अधिकार केवल उनके पास है। साथ ही आकाश आनंद (Akash Anand) को लेकर सोशल मीडिया पर चल रही अटकलों को भी पूरी तरह निराधार बताया।

Mayawati ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि लखनऊ स्थित पार्टी कार्यालय में उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर कई चरणों में राज्य स्तरीय बैठकें आयोजित की जा चुकी हैं। इन बैठकों में प्रदेश और मंडल स्तर के पदाधिकारियों को उम्मीदवारों के चयन संबंधी दिशा-निर्देश दिए गए हैं।

उन्होंने बताया कि अब तक वह स्वयं इंटरव्यू लेकर दो दर्जन से अधिक उम्मीदवारों को अंतिम रूप दे चुकी हैं। बाकी सीटों पर भी उम्मीदवारों का चयन उन्हीं की मंजूरी से होगा।

उम्मीदवारों पर अंतिम फैसला Mayawati का

मायावती ने स्पष्ट किया कि यह व्यवस्था केवल उत्तर प्रदेश तक सीमित नहीं है।

उन्होंने कहा कि देश के किसी भी राज्य में होने वाले विधानसभा (Assembly Election) या लोकसभा चुनाव (Lok Sabha Election) में बसपा उम्मीदवारों पर अंतिम फैसला वही करती हैं। इसलिए आकाश आनंद या किसी अन्य नेता द्वारा टिकट तय किए जाने की चर्चा पूरी तरह गलत और भ्रामक है।

फिर आकाश आनंद की भूमिका क्या है?

बसपा प्रमुख ने बताया कि जिन सीटों पर उम्मीदवार तय हो चुके हैं, वहां उनकी अनुमति से वरिष्ठ पदाधिकारी जनसभाएं कर रहे हैं और उम्मीदवारों का परिचय जनता से करा रहे हैं। इसी क्रम में कुछ सभाओं में आकाश आनंद भी शामिल होकर प्रत्याशियों का परिचय करा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि पिछले करीब एक वर्ष से आकाश आनंद विभिन्न राज्यों में संगठनात्मक बैठकों की समीक्षा, चुनावी रणनीति और जनसभाओं की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। हाल के विधानसभा चुनावों और उत्तर प्रदेश सहित अन्य राज्यों में भी उन्होंने पार्टी के प्रचार अभियान में सक्रिय भूमिका निभाई है।

Mayawati ने कार्यकर्ताओं को दी खास सलाह

मायावती ने कहा कि पार्टी में आकाश आनंद की जिम्मेदारियां संगठन और प्रचार तक सीमित हैं। इसे उनके कद में बढ़ोतरी या कमी से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए।

उन्होंने बसपा कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे सोशल मीडिया पर फैलाए जा रहे भ्रामक प्रचार, अफवाहों और जातिवादी मानसिकता से प्रेरित दुष्प्रचार से सावधान रहें और केवल पार्टी की आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करें।

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