नितिन नवीन ने घोषित की नई कार्यकारिणी, स्मृति ईरानी और विनोद तावड़े बने राष्ट्रीय महामंत्री
Sandesh Wahak Digital Desk: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने अपनी नई केंद्रीय कार्यकारिणी और पदाधिकारियों की टीम का ऐलान कर दिया है। संगठन को नया विस्तार देने और आगामी चुनावी चुनौतियों से निपटने के लिए घोषित इस टीम में वरिष्ठ नेताओं के साथ-साथ युवा चेहरों को भी अहम जिम्मेदारियां दी गई हैं। नितिन नवीन की इस नई टीम में राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे, पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी और पीयूष गोयल जैसे कई बड़े नाम शामिल हैं। नई कार्यकारिणी में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को संतुलित जिम्मेदारी सौंपी गई है।
राष्ट्रीय उपाध्यक्ष: राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया, उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत, वरिष्ठ नेता राम माधव, बैजयंत जय पांडा और रेखा वर्मा को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया गया है।
राष्ट्रीय महामंत्री (जनरल सेक्रेटरी): संगठन में बड़ा बदलाव करते हुए पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी और विनोद तावड़े को राष्ट्रीय महामंत्री बनाया गया है। इनके साथ ही सतीश पूनिया, गजेंद्र पटेल, हरीश द्विवेदी और संजय भाटिया को भी महामंत्री पद की जिम्मेदारी मिली है।
संगठन महामंत्री: बीएल संतोष अपने पद (राष्ट्रीय संगठन महामंत्री) पर बने रहेंगे।
राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष: केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल को पार्टी का नया राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष नियुक्त किया गया है।

यूपी चुनाव 2027 और क्षेत्रीय समीकरणों पर विशेष ध्यान
संगठन के इस पुनर्गठन में आगामी विधानसभा चुनावों के समीकरणों का विशेष ध्यान रखा गया है। अगले साल उत्तर प्रदेश में होने वाले चुनावों को देखते हुए बस्ती से आने वाले ब्राह्मण चेहरे हरीश द्विवेदी को महामंत्री बनाया गया है। वहीं, सुनील बंसल और विनोद तावड़े भी नितिन नवीन की केंद्रीय टीम में महत्वपूर्ण भूमिका में रहेंगे।
हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के करीबी और एबीवीपी (ABVP) पृष्ठभूमि से जुड़े संजय भाटिया को महामंत्री बनाया गया है। इसके अलावा, गुजरात के वडोदरा से लोकसभा सांसद हेमांग जोशी को युवाओं को पार्टी से जोड़ने के लिए बड़ी जिम्मेदारी (युवा मोर्चा) दी गई है।
नितिन नवीन की नई टीम के सामने तीन बड़ी चुनौतियां
करीब 7 महीने पहले बीजेपी की कमान संभालने वाले नितिन नवीन और उनकी नई टीम के सामने आगामी वर्षों में तीन बड़े राजनीतिक पड़ाव होंगे। टीम की सबसे पहली अग्निपरीक्षा 2027 में होगी, जब उत्तर प्रदेश समेत 7 राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं। यूपी में हैट्रिक लगाना पार्टी के लिए सबसे बड़ा चैलेंज रहेगा।
इसके ठीक बाद 2028 में मध्य प्रदेश, राजस्थान, कर्नाटक और तेलंगाना समेत 9 राज्यों में चुनाव होंगे। इन सभी राज्यों के चुनावों के बाद सबसे बड़ी परीक्षा 2029 के आम चुनावों में पार्टी को पुनः भारी बहुमत दिलाने की होगी।
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