संभल में मंदिर-मस्जिद को लेकर भड़काऊ बयान देने पर सपा सांसद के पिता और भाजपा नेता समेत 4 को नोटिस
Sambhal News: उत्तर प्रदेश के संभल जिले में धार्मिक स्थलों को लेकर बढ़ते तनाव और भड़काऊ बयानबाजी पर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। संभल एवं नखासा थाना पुलिस की रिपोर्ट के आधार पर चार प्रमुख चेहरों के खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई की गई है। इनमें शाही जामा मस्जिद इंतजामिया कमेटी के अध्यक्ष ज़फ़र अली, भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष राजेश सिंघल, सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क के पिता ममलूकुर्रहमान बर्क और एआईएमआईएम (AIMIM) नेता शकील अहमद शामिल हैं। सिटी मजिस्ट्रेट सुधीर कुमार की अदालत ने सभी को आगामी 3 अक्टूबर को पेश होने का सम्मन जारी किया है।
पुलिस रिपोर्ट में आशंका जताई गई है कि इन नेताओं द्वारा सोशल मीडिया और सार्वजनिक मंचों पर दिए गए भड़काऊ वक्तव्यों से दो समुदायों के बीच वैमनस्य और शांति व्यवस्था बिगड़ने का गंभीर खतरा पैदा हो गया है। प्रशासन ने चारों आरोपियों से जवाब मांगा है कि क्यों न उनसे आगामी 6 महीने तक इलाके में शांति बनाए रखने के लिए 20,000 रुपये का व्यक्तिगत बंधपत्र (पर्सनल बॉन्ड) या इतनी ही जमानत राशि जमा कराई जाए।
भाजपा नेता के बयान से शुरू हुआ विवाद
विवाद की शुरुआत भाजपा नेता राजेश सिंघल के रहटौल गांव में आयोजित रामलीला मंच से दिए गए विवादित बयान के बाद हुई थी। उन्होंने सार्वजनिक मंच से कहा था कि संभल में अब मस्जिद नहीं बल्कि मंदिर बनाए जाएंगे और हरिहर मंदिर की ओर कदम बढ़ाने वालों पर गोलियों के बजाय फूल बरसाए जाएंगे। इस बयान के वायरल होने के बाद सपा नेता ममलूकुर्रहमान बर्क और एआईएमआईएम नेता शकील अहमद ने तीखे पलटवार किए थे, जिससे माहौल और गर्म हो गया।
बयानबाजी का सिलसिला तेज होने के बाद मामला पुलिस मुख्यालय पहुंचा। पुलिस की सिफारिश पर संभल प्रशासन ने चारों नेताओं के खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया है। अब 3 अक्टूबर को होने वाली अदालती सुनवाई में चारों आरोपियों को अपना-अपना पक्ष प्रस्तुत करना होगा। इस प्रशासनिक कार्रवाई के बाद संभल में राजनीतिक बयानबाजी पर ब्रेक लगाने की कोशिश की जा रही है, वहीं इलाके में पुलिस की सतर्कता बढ़ा दी गई है।
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