संजय यदुवंशी के धरने के बाद दो मुकदमे दर्ज, पार्क में तोड़फोड़ और प्रतिमाओं के अपमान का आरोप
Sanjay Yaduvanshi News: यूट्यूबर संजय यदुवंशी के सुलतानपुर के तिकोनिया पार्क में प्रदर्शन के बाद उनके खिलाफ दो मुकदमे दर्ज किए गए हैं। पहला मामला पार्क में नुकसान पहुंचाने को लेकर नगर पालिका की ओर से दर्ज कराया गया है। वहीं, दूसरा मुकदमा भारत विकास परिषद ने महापुरुषों की प्रतिमाओं के अपमान के आरोप में दर्ज कराया है।
पुलिस अब बिना अनुमति प्रदर्शन करने के मामले में तीसरा मुकदमा दर्ज करने की तैयारी कर रही है। एसपी विनीत जायसवाल ने बताया कि प्रदर्शन बिना अनुमति किया गया था। इस संबंध में पुलिस की ओर से रिपोर्ट दर्ज कराने की तैयारी है।
छह घंटे तक चला प्रदर्शन, जुटे करीब एक हजार लोग
जानकारी के मुताबिक, शुक्रवार सुबह संजय यदुवंशी अपने कुछ समर्थकों के साथ तिकोनिया पार्क पहुंचे। शुरुआत में वहां ज्यादा लोग नहीं थे, लेकिन भीड़ जुटने की आशंका के चलते पुलिस सुबह से ही तैनात थी। दोपहर करीब 12:30 बजे तक संजय के समर्थन में लगभग एक हजार लोग जमा हो गए।
इस दौरान संजय पार्क में लगी स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा पर चढ़ गए और समर्थकों को संबोधित करने लगे। उनके बोलने का अंदाज हास्यपूर्ण था और वहां मौजूद युवा शोर मचाते रहे।
प्रदर्शन सुबह करीब 10 बजे शुरू हुआ और अपराह्न पौने चार बजे समाप्त हुआ। सिटी मजिस्ट्रेट प्रीति जैन मौके पर पहुंचीं और संजय से ज्ञापन लिया। प्रदर्शन के दौरान सीओ नगर राघवेंद्र सिंह और सीओ कादीपुर विनय गौतम भी मौजूद रहे।
पुलिसकर्मियों के निलंबन की मांग, अखिलेश यादव ने भी दी थी प्रतिक्रिया
संजय यदुवंशी ने ज्ञापन में उन पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की, जो उनके घर दबिश देने पहुंचे थे। इनमें थानाध्यक्ष विपेंद्र कुमार वर्मा, निरीक्षक राजेश ओझा, सिपाही राजन यादव और अन्य पुलिसकर्मी शामिल हैं। संजय ने इन पुलिसकर्मियों को निलंबित करने की मांग की है।
इस विवाद पर पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर संजय यदुवंशी के वीडियो पर टिप्पणी की थी।
जानलेवा हमले के मामले से जुड़ा है विवाद
संजय यदुवंशी के खिलाफ विवाद की शुरुआत सितंबर में कोतवाली नगर क्षेत्र के तुराबखानी निवासी खान बाबा पर हुए कथित जानलेवा हमले के मामले से जुड़ी है। इस मामले में संजय के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था और वह वांछित चल रहे थे।
खबर के मुताबिक, 6 अक्टूबर की रात पुलिस ने उघड़पुर गांव के अहिरन का पुरवा स्थित संजय के घर दबिश दी थी। उस समय संजय घर पर नहीं मिले, लेकिन उनके परिवार के सदस्यों और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक हुई थी। पुलिस पर दीवार फांदकर घर में घुसने और परिजनों से गाली-गलौज करने के आरोप भी लगे थे। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था।
इसके बाद संजय ने जमानत कराने के बाद प्रशासन के खिलाफ तिकोनिया पार्क में प्रदर्शन करने का ऐलान किया था। अब प्रदर्शन के बाद दर्ज दो मुकदमों और संभावित तीसरी कार्रवाई को लेकर मामला चर्चा में है।
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